इस दौरान पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि सरकार बदरीनाथ धाम, केदारनाथ के साथ ही अन्य पौराणिक मंदिरों व तीर्थस्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए जिस प्रकार से केदारनाथ में कायाकल्प की गई, अन्य तीर्थस्थलों को भी प्राथमिकता से सुविधाएं दी जाएंगी।
बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बैठक में बदरीनाथ धाम और केदारनाथ में यात्रा सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया गया। बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि केदारनाथ में और अधिक त्वरित गति से विकास एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए बैठक में व्यापक चर्चा हुई है।
जबकि बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि आपदा में केदारनाथ में बीकेटीसी के कई निर्माण कार्य बह गए थे, जिन्हें अभी तक मास्टर प्लान में शामिल नहीं किया गया था। अब पौराणिक कुंडों को फिर से पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। इस मौके पर समिति के ईई अनिल ध्यानी के साथ ही चमोली, रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी के जिला पर्यटन अधिकारी मौजूद थे।