राजा रुद्रचंद द्वारा शाके 1490 में (सन् 1568) में जारी इस ताम्रपत्र में केदारेश्वर मंदिर को गूंठ के तौर पर दिए जाने की घोषणा की गई है। डॉ. चौहान ने बताया कि केदारेश्वर का यह ताम्रपत्र काफी साल पहले प्रकाश में आया था। पुरातत्व विभाग की टीम ने इन दोनों ताम्रपत्रों को रिकार्ड में दर्ज कर लिया है।
अभी कुछ दिन और चलेगा सर्वेक्षण
भारत सरकार की अनुमति से भिकियासैंण तहसील के सभी गांवों में प्राचीन मंदिरों, अभिलेखों, ताम्रपत्र, बिरखम सहित अन्य पुरावशेषों के व्यापक सर्वेक्षण का काम कुछ दिन और चलेगा। टीम में क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. चंद्र सिंह चौहान, फोटोग्राफर चंद्रशेखर उपाध्याय, जगत सिंह मेहरा, चंदन सिंह जीना, संजय आदि शामिल हैं। डा. चौहान ने बताया कि सर्वेक्षण कार्य में एसडीएम अभय प्रताप सिंह सहित प्रशासन के अधिकारियों का काफी सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने क्षेत्र के लोगों से कहा है कि यदि उनके पास कोई प्राचीन अभिलेख, ताम्रपत्र तथा अन्य तरह के कोई पुराने दस्तावेज हों तो इसकी जानकारी सर्वे टीम को देकर सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यह पुरावशेष लोगों के पास ही रहेंगे।