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I25 अप्रैल को इंस्टॉलेशन की गई थी अल्ट्रासाउंड मशीनI
डीएम के आदेश पर सीमांत क्षेत्र त्यूणी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब आठ महीने पहले अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई थी। जुलाई से माह में एक बार ग्रामीणों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी मिलनी शुरू हुई। गर्भवतियों और मरीजों को लगा कि अब अल्ट्रासाउंड के लिए विकासनगर नहीं जाना पड़ेगा। इधर, पिछले दो माह से रेडियोलॉजिस्ट के अस्पताल न आने से अल्ट्रासाउंड जांच ठप पड़ी है। गर्भवतियों और मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए फिर से 130 किलोमीटर दूर विकासनगर जाना पड़ रहा है।
डीएम सोनिका की पहल पर पीएचसी त्यूणी में गत छह अप्रैल को अल्ट्रासाउंड मशीन भेजी गई थी। 25 अप्रैल को अल्ट्रासाउंड मशीन की इंस्टॉलेशन की गई। 25 जून को उपजिला अस्पताल मसूरी के रेडियोलॉजिस्ट को प्रत्येक माह में एक दिन पीएचसी त्यूणी में अल्ट्रासाउंड की सेवा देने के आदेश जारी हुए।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए सप्ताह के पहले शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया। 30 जून को अल्ट्रासाउंड मशीन की जांच के लिए पहुंची टीम ने छह लोगों के अल्ट्रासाउंड भी किए। जुलाई से अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलनी शुरू हुई। नवंबर और दिसंबर में रेडियोलॉजिस्ट अस्पताल नहीं आए। अब स्थिति यह है कि गर्भवती महिलाओं और मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए विकासनगर तक की दूरी नापनी पड़ रही है।
Iक्षेत्र में हैं 65 गर्भवती, अधिकांश का होना है अल्ट्रासाउंडI
त्यूणी क्षेत्र में कार्यरत सुपरवाइजर ममता खन्ना, मीणा, कविता ने बताया कि क्षेत्र में 60 से 65 गर्भवतियां हैं। इनमें अधिकांश का अल्ट्रासाउंड होना है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही है। बताया कि महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए विकासनगर जा रही हैं।
Iजांच के बाद चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड की सलाह दी थी। बच्चे की कुशलता पता करने के लिए अल्ट्रासाउंड जरूरी है। पीएचसी में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। पहले अल्ट्रासाउंड होते थे तो बहुत सुविधा रहती थी।
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I- रीता, गर्भवती महिला
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Iडीएम मैडम ने अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू करवाई थी। इससे काफी सहूलियत मिलती थी। अचानक अल्ट्रासाउंड बंद होने से बड़ी परेशानी हो रही है। अगर इस बार अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ तो देहरादून जाना पड़ेगा।
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Iरुचि, गर्भवती महिलाI
Iपहले रेडियोलॉजिस्ट चारधाम यात्रा ड्यूटी में व्यस्त थे। उसके बाद सिल्क्यारा टनल हादसे में रेस्क्यू ड्यूटी में चले गए। संभवत: जनवरी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा फिर से शुरू हो जाएगी।
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I- डॉ. नरेंद्र सिंह राणा, चिकित्सा प्रभारी, पीएचसी, त्यूणीI