यूपीईएस और भारतीय सेना ने भारतीय सेनाकर्मियों, उनके परिवारों और आश्रितों की शैक्षणिक योग्यता को अपग्रेड करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यूपीईएस के रजिस्ट्रार एवं ट्रेनिंग व प्लेसमेंट डायरेक्टर मनीष मदान और भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून के कर्नल इंस्ट्रक्टर, कर्नल वीकेएस रावत ने कहा कि यह एमओयू भारतीय सेना कम्युनिटी के लिए शैक्षिक अवसरों और व्यावसायिक विकास को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पांच साल के सहयोग समझौते के अनुसार यूपीईएस, सेना कर्मियों के बच्चों और जीवन साथियों को उनकी एकेडमिक उपलब्धियों के आधार पर विभिन्न छात्रवृत्तियां और छूट प्रदान करेगा। जिसमें कक्षा 12वीं, जेईई या सीयूईटी स्कोर में शीर्ष प्रदर्शन करने वालों (95 प्रतिशत या इससे अधिक अंक के साथ) के लिए 30 प्रतिशत तक की ट्यूशन फीस माफ होगी। यूपीईएस के विभिन्न स्कूलों में एमबीए, बीबीए, बीटेक, एलएलबी और अन्य यूजी प्रोग्राम में आरक्षित सीटें शामिल होंगी।
यूपीईएस सेना के अधिकारियों को पार्ट टाइम पीएचडी प्रोग्राम भी प्रदान करेगा, जो भारतीय सेना की जरूरतों के अनुरूप एविएशन, एरोनॉटिक्स, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, साइंस और टेक्नोलॉजी, लीगल स्टडीज और लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा। शोधकर्ताओं को उपलब्धता के आधार पर शार्ट टर्म विजिट्स के लिए गेस्ट हाउस आवास प्रदान किया जाएगा। समझौते के तहत यूपीईएस आर्मी अधिकारियों को एमबीए, बीबीए और बीसीए, पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम और अपस्किलिंग के लिए सर्टिफिकेट प्रोग्राम के साथ कई लाभ प्रदान करेगा। आर्मी के सभी उम्मीदवारों को मौजूदा कोर्स फीस पर 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी और योग्यता मानक में 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। दोनों पक्षों ने संवेदनशील जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने वाला कोई भी डेटा पूरी तरह से सेना के पास रहे।