देहरादून। ड्राफ्ट मतदाता सूची में अगर किसी का नाम शामिल होने पर किसी व्यक्ति को आपत्ति है तो वह पांच मतदाताओं पर आक्षेप लगा सकता है। इस पर चुनाव आयोग फैसला लेगा। बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस संबंध में जानकारी साझा की।
डॉ. पुरुषोत्तम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ड्राफ्ट मतदाता सूची की डिजिटल प्रति सौंपी। उन्होंने बताया कि एसआईआर के प्रथम चरण पूर्ण होने के बाद प्रदेश में 71,33,785 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। प्रदेश में 8.26 लाख मतदाता एएसडी श्रेणी में पाए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पूर्व में 11,733 मतदान केंद्रों के सापेक्ष वर्तमान में मतदान केंद्रों की संख्या 12,543 हो गई है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बीएलओ को 100-100 फार्म-6 उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि जो नागरिक किसी भी वजह से मतदाता सूची में नाम शामिल नहीं करा पाए, उन्हें पुनः अवसर मिल सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में बताया कि आयोग मतदाताओं को 14 जुलाई से 13 अगस्त के बीच फार्म 6, 7 और 8 पर दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के लिए एक व्यक्ति अधिकतम पांच आक्षेप ही प्रस्तुत किए जा सकेंगे। एक ही व्यक्ति नाम हटाने के लिए यदि पांच से अधिक आक्षेप प्रस्तुत करने पर ईआरओ की ओर ऐसे प्रकरणों की व्यक्तिगत जांच कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 11 सितंबर तक नोटिस की अवधि एवं दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल 71,33,785 मतदाताओं में से लगभग 19 लाख मतदाताओं में विभिन्न प्रकार की विसंगति प्राप्त हुई, जिन्हें संबंधित ईआरओ-एईआरओ की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सहित भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा, सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।