- बरसाती नाले-खाले की जमीन से अतिक्रमण हटाने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। बरसाती नाले-खाले व नदियों की जमीनों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के क्रम में धर्मावाला व शिमला बाइपास क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के दरबार में दस्तक दी है। उन्होंने कार्रवाई से पहले नदी, नाले व खाले आदि की जमीनों की सही ढंग से पहचान कराने की मांग की है। उन्होंने मांग पत्र भी जिलाधिकारी को सौंपा है।
पछवादून में नदी, नाले व बरसाती खाले आदि की जमीनों पर बनी आवासीय बस्तियों को हटाने की कार्रवाई इन दिनों चल रही है। निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य राजेश बलूनी, पूजा रावत व पूर्व प्रधान मोहम्मद आरिफ ने इस मामले को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल से उनके कार्यालय में मुलाकात की। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि इस क्षेत्र में 50 से अधिक नदी, बरसाती नाले, खाले स्थित हैं। जो हर एक बरसात में अपना स्थान बदलकर बहते रहते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर आबादी क्षेत्रों में नाले चल रहे हैं जबकि, नालों की भूमि पर बस्तियां बस गई हैं। उन्होंने कहा कि बरसाती नाले-खाले की जमीन की मौजूदा स्थिति की पहचान कर ही अतिक्रमण की कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने क्षेत्र की आर्थिक रूप से कमजोर व मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले परिवारों की झाेपड़ी व छत आदि नहीं ढहाए जाने की अपील भी जिलाधिकारी से की।
इस दौरान उन्होंने शिमला बाइपास मार्ग पर घटने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक उपाय कराए जाने की मांग जिलाधिकारी के सामने रखी। उन्होंने कहा कि मोटर मार्ग को फोर लेन में बदला जा रहा है। जिस कारण चालक तीव्र गति से वाहन दौड़ा रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मोटर मार्ग पर गति जांच करने वाले मीटर लगाकर ऐसे वाहनों पर चालान की कार्रवाई की मांग भी की है।