सतपाल महाराज की पत्नी और उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री अमृता रावत ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को विराम लगाते हुए कहा है कि वे उत्तराखंड सरकार को सहयोग देती रहेंगी। कहा कि महाराज का भाजपा मे जाना उनका व्यक्तिगत फैसला है।
सतपाल महाराज के भाजपा में शामिल होने के बाद अमृता रावत के भी पार्टी छोड़ने की बातें उठने लगी थीं। अमृता रावत भी हरीश रावत से नाराज चल रही थीं।
हरीश से चल रही थीं नाराज
दरअसल, हरीश रावत ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अमृता रावत के विभागों में कटौती कर दी थी। अमृता रावत को कई बार हरीश के द्वारा उपेक्षित होना पड़ा था।
सतपाल महाराज ने जब कांग्रेस का दामन छोड़ते हुए भाजपा का दामन थाम लिया तब ये कयास लगने लगे थे कि अमृता रावत भी पार्टी छोड़ सकती हैं। माना जा रहा था कि पति के जाने पर अमृता भी कांग्रेस से किनारा कर सकती हैं लेकिन अमृता के बयान ने स्थिति स्पष्ट कर दी।