स्वामी रामदेव ने कहा कि वर्ष 2013 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री तथा मोजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस आचार्यकुलम् संस्थान की शुरूवात की थी वह संस्थान देश के पांच प्रामाणिक सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के सीबीएसई संस्थान में आचार्यकुलम् ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। योग, आयुर्वेद, स्वदेशी और वैदिक शिक्षा के कार्य में करोड़ों देशवासी हमारे साथ हैं। योग क्रान्ति के पश्चात् अब हम स्वदेशी शिक्षा क्रान्ति को गति दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आचार्यकुलम पतंजलि विश्वविद्यालय, पतंजलि गुरुकुलम् इस क्रान्ति का एक कदम मात्र है। उन्होंने कहा कि अब हम आगे देशभर में लाखों विद्यार्थियों की शिक्षण व्यवस्था के लिए काम करने को संकल्पित हैं। कहा कि जब स्वामी श्रद्धानंद औश्र महामना मदन मोहन मालवीय ने सीमित संसाधनों में बड़े.बड़े विश्वविद्यालयों का संचालन कर दिया तो हमारे साथ तो करोड़ों हाथ हैं हम इस कार्य को निश्चित ही लक्ष्य तक पहुँचाकर रहेंगे।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि शिक्षा में स्वदेशी को लेकर आज पूरे देश में नया उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आचार्यकुलम् स्वदेशी शिक्षा का बेहतर विकल्प है। आचार्यकुलम् में विद्यार्थियों के मानसिक विकास के साथ.साथ शारीरिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहाँ विद्यार्थियों को भाषा के स्तर पर हिन्दी, संस्कृत व अंग्रेेजी भाषाओं में पारंगत किया जा रहा है। उन्होंने आचार्यकुलम् के निदेशक, प्राचार्या और शिक्षकों को आभार जताते हुए कहा कि वे भविष्य के भारत का निर्माण कर रहे हैं।