भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की दो फरवरी को परेड मैदान में एक सभा होगी। वे टिहरी और हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के त्रिशक्ति कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करने आ रहे हैं।
लोकसभा चुनाव से पहले ये उनकी पहली ऐसी सभा होगी, जिसमें में एक साथ करीब 14 से 15 हजार कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे। इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए भाजपा ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। दोनों लोकसभा क्षेत्रों के सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और संगठन के कार्यकर्ता बैठकों में सम्मेलन की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
इस सम्मेलन मेें दोनों लोकसभाओं के बूथ अध्यक्षों, बूथ पालकों और बीएलए-दो के अलावा निकायों, पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, पूर्व विधायकों, संगठन व मोर्चों के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल के मुताबिक सम्मेलन में पहुंचने वालों की संख्या 15 हजार तक हो सकती है। उनकी सुविधा को देखते हुए आयोजन स्थल के लिए परेड मैदान का चयन किया जा रहा है।
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शिव प्रकाश और जाजू 23 को लेंगे तैयारी बैठक
त्रिशक्ति सम्मेलन की तैयारी को लेकर 23 जनवरी को एक अहम बैठक रखी गई है। इसमें राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू और भी उपस्थित रहेंगे। दोनों केंद्रीय नेताओं की मौजूदगी में होने वाली बैठक को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी संबोधित करेंगे। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में टिहरी व हरिद्वार लोकसभा क्षेत्रों के सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला महामंत्री, जिला प्रभारी लोक सभा, प्रभारी, लोकसभा संयोजक, लोकसभा विस्तारक, विधानसभा विस्तारक, मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शामिल होंगे। प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने सभी अपेक्षित व्यक्तियों को सूचना भेज दी है।
क्या राहुल से पूछ लिया कांग्रेस बनाएगी राम मंदिर ?
प्रदेश भाजपा ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव हरीश रावत से प्रश्न किया कि क्या उन्होंने राहुल गांधी से पूछ लिया कि कांग्रेस राम मंदिर बनाएगी और क्या राहुल गांधी उनके इस बयान से सहमत हैं? यहां जारी एक प्रेस बयान में भाजपा प्रदेश मीडिया प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रावत पिछले कुछ दिनों से बार-बार यह बयान दे रहे हैं कि कांग्रेस अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करेगी। लेकिन इस बारे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य किसी नेता का ऐसा कोई बयान नहीं आया है।
भसीन ने कहा कि राम मंदिर निर्माण में कांग्रेस सबसे बड़ी बाधा है। कांग्रेस ने अपने शासन काल में राम मंदिर निर्माण के लिए कोई कदम नहीं उठाया। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने तो उच्चतम न्यायालय में सुनवाई 2019 के बाद करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राम मंदिर मामले में कांग्रेस का ये दोहरा चरित्र साफ दिख रहा है।