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Amit Shah: सरकार-संगठन की समीक्षा के साथ भाजपा का चुनावी शंखनाद, जनसभा के लिए हरिद्वार चुनने के ये तीन कारण

Sat, 07 Mar 2026 05:03 PM IST
Renu Saklani आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

सरकार-संगठन की समीक्षा के साथ भाजपा ने चुनावी शंखनाद कर दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने आज हरिद्वार में जनसभा को संबोधित किया। जनसभा के लिए हरिद्वार को चुनने के कुछ खास कारण हैं।

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गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : सूचना
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी ने राज्य के द्वार से चुनावी मोड में प्रवेश कर दिया है। गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा के लिए हरिद्वार को चुनने का कारण इसलिए भी है क्योंकि इस जिले में कांग्रेस, बसपा को हर चुनाव में जीत मिलती रही है। पार्टी ने यहां से चुनावी शंखनाद कर मिशन 2027 के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की तैयारी की है।

लगातार नौ साल से सरकार चला रही भाजपा तीसरी जीत को सुनिश्चित करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती। लगातार दो सरकार के बाद सत्ता विरोधी सुरों से विपक्षी कांग्रेस अपनी तान न छेड़ दे, इसलिए पहले ही भाजपा ने बड़ा प्लान तैयार कर लिया है। इसी कड़ी में आज सात मार्च को भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले गृह मंत्री अमित शाह की बड़ी जनसभा से शुरुआत की गई है।

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यह दौरा ऐसे समय में हुआ, जब धामी सरकार अपने सफल चार साल पूरे करने का जश्न मना रही है। एक ओर केंद्र सरकार के तीन नए कानूनों को जनता के समक्ष सुविधा के तौर पर पेश किया जाएगा तो वहीं धामी सरकार के यूसीसी, सख्त धर्मांतरण कानून, नकलरोधी कानून, अल्पसंख्यक कानून, दंगारोधी कानूनों से मतदाताओं के बीच पैठ मजबूत करने की कोशिश की जाएगी। मकसद यह संदेश देना कि कितनी ही अड़चने आएं लेकिन डबल इंजन की ताकत के सामने सब छोटी हैं।

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हरिद्वार से शंखनाद के ये तीन अहम कारण

2022 की कसक : पिछले विधानसभा चुनाव में हरिद्वार जिले की 11 सीटों में से भाजपा मात्र तीन सीटें (हरिद्वार, भेल रानीपुर, रुड़की) ही भाजपा के खाते में आई थीं। बाकी सीटें कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय के खाते में गई थीं। शाह का यह दौरा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरके इस गढ़ को वापस पाने की कवायद है।

हिंदुत्व का केंद्र : हरिद्वार से निकलने वाला संदेश पूरे राज्य और देश की धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना को प्रभावित करता है।

मैदानी समीकरण : उत्तराखंड की सत्ता की राह हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों से होकर गुजरती है। इन जिलों में कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों को लगातार अच्छी सीटें मिलती रही हैं। लिहाजा, यहां पकड़ मजबूत करना भाजपा की प्राथमिकता है।

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जनसभा के बाद बनेगी मिशन 2027 की रणनीति

गृह मंत्री शाह की जनसभा के बाद एक निजी होटल में भाजपा की टोली बैठक होगी। पार्टी के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि टोली बैठक में कोर ग्रुप के 14 सदस्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, महामंत्री संगठन अजय कुमार, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पांच लोकसभा, दो राज्यसभा सांसद, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, धन सिंह रावत के अलावा नौ अन्य प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, कुंदन परिहार, तरुण बंसल, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा शामिल होंगे। माना जा रहा है कि शाह तीसरी लगातार जीत को पुख्ता करने के सूत्र बताएंगे।

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