माय सिटी रिपोर्टर देहरादून कोरोना वायरस के चलते राज्य सरकार की ओर से लागू लॉक डाउन के बीच जंगलों को आग से बचाने को लेकर भी कवायद तेज कर दी गई है। जंगलों में आग की घटनाएं ना हो इसके लिए विभागीय अधिकारियों की अगुवाई में फायर लाइन बनाने के साथ ही वाटर टैंक बनाने का काम तेज कर दिया गया है ।वनाग्नि की घटनाओं की तत्काल जानकारी मिल सके इसके लिए वायरलेस सेट से लैस फायर वाचर्स की भी तैनाती कर दी गई है । विभागीय अधिकारियों की नजर उन संवेदनशील स्थानों पर ज्यादा है जो बनाने के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं। प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि फायर सीजन शुरू होने के साथ ही जंगलों में आग लगने की भी घटनाएं शुरू हो गई हैं । सुकून देने वाली बात है कि देहरादून वन प्रभाग में अभी आग लगने की कोई घटना नहीं हुई है ।जंगलों से आग से बचाया जा सके इसके लिए फायर लाइन बनाने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है । वन क्षेत्राधिकारियों की अगुवाई में विभागीय टीमें ब्लोअर की मदद से फायर लाइन बनाने का काम कर रही हैं। जंगलों को आग से बचाया जा सके इसके लिए आठ वन क्षेत्र अधिकारियों, 12 उपवन क्षेत्र अधिकारियों , 62 फॉरेस्टर , 52 फॉरेस्ट गार्ड , 45 माली और चौकीदार के अलावा 236 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। प्रभागीय वन अधिकारी धीमान ने बताया कि वनाग्नि के लिहाज से संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही है। ग्रामीण जंगलों में ना दाखिल हो सके इसके लिए भी ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है ।साथ ही वन क्षेत्राधिकारी यों की अगुवाई में ग्रामीणों में जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं । जिसमें ग्रामीणों को इस बात की जानकारी दी जा रही है कि वे जंगलों को आग से बचाने में अपने स्तर पर क्या योगदान दे सकते हैं। प्रभागीय वन अधिकारी धीमान ने बताया कि आग की घटनाओं की पूरी जानकारी मिल सके और समय रहते कार्रवाई की जा सके इसके लिए गांव में भी टीमों का गठन कर उनकी मदद ली रही है।