माय सिटी रिपोर्टर देहरादून कोरोना वायरस के चलते लागू लाकडाउन के बीच यदि किसी ने बिना अनुमति के वन क्षेत्रों में दाखिल होने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सीधे वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जिले के विभिन्न इलाकों में वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग की ओर से यह कदम उठाया गया है ।इतना ही नहीं वन्यजीवों के शिकार को शिकारी व ग्रामीण जंगलों की और रुख ना करें इसके लिए विभागीय अधिकारियों की अगुवाई में गांव में मुनादी भी कराई जा रही है ।साथ ही वन क्षेत्राधिकारियों की अगुवाई में दो दर्जन से अधिक टीमें उन इलाकों में तैनात कर दी गई हैं जो शिकार के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं। प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि ककोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन के बावजूद तमाम लोग वन्यजीवों का शिकार करने को लेकर जंगलों की ओर रुख कर रहे हैं । जो गंभीर बात है। राजधानी से सटे मोथरोवाला व बड़कोट क्षेत्र में आरोपी शिकारियों ने पैंगोलिन, पार्कोलिन और सांभर जैसे वनयजीवों का शिकार भी कर लिया। लेकिन अब ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। जो बिना किसी अनुमति के जंगलों की ओर रुख करेंगे टीम तो उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम एवं वन संरक्षण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शिकारी वन्यजीवों का शिकार ना कर सकें इसके लिए संवेदनशील इलाकों में वन क्षेत्र अधिकारियों की अगुवाई में टीमें तैनात कर दी गई हैं जो दिन-रात गश्त कर रही हैं ।शिकारियों पर नजर रखने के साथ ही वन्यजीवों पर भी नजर रखी जा रही है । सांभर, हिरण जैसे जानवर जो आबादी की ओर रुख कर हो रहे हैं उन्हें वन कर्मियों द्वारा जंगलों की ओर खदेड़ा जा रहा है ------------- पूर्व में पकड़े जा चुके शिकारियों पर भी पैनी नजर प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि ऐसे शिकारियों पर भी पैनी नजर है जो पूर्व में वन्यजीवों के शिकार के मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं और वर्तमान में जमानत पर छूटे हैं । वन क्षेत्राधिकारियों को हिदायत दी गई है कि ऐसे शिकारियों की कड़ी निगरानी की जाए ताकि वन्यजीवों की जिंदगी को बचाया जा सके।