सख्ती से पूछने पर उसने बताया कि उसका नाम फरीदा मलिक (50) पुत्री सुल्तान अख्तर मलिक है। वह पाकिस्तान में पैदा हुई और अपने परिवार के साथ वर्ष 1992 में अमेरिका की नागरिकता ले ली थी। तब से वह अमेरिका में ही रहती है। उसने बताया कि उसका पासपोर्ट काठमांडू में रह गया है।
इमिग्रेशन चेक पोस्ट अधिकारी ने दूतावास से मालूमात कर पता लगाया कि उसके नाम का पासपोर्ट तो बना है परंतु उसके पासपोर्ट पर भारत का वीजा नहीं है। इमिग्रेशन अधिकारी इंद्र सिंह ने बताया कि बिना पासपोर्ट और वीजा के भारत में प्रवेश करने के जुर्म में उसे बनबसा पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।