काफी प्रयासों के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं निकली तो एंबुलेंस के स्टाफ ने वाहन में ही प्रसव कराया। इसके बाद आसपास के लोगों की मदद से धक्का देकर एंबुलेंस को कीचड़ से बाहर निकाला गया।
प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को सुरक्षित सीएचसी मुनस्यारी पहुंचाया गया। 108 एंबुलेंस के जिला कॉर्डिनेटर परमानंद पंत ने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं।
चंपावत विकासखंड के दूरस्थ डांडा ग्राम पंचायत के कठौती गांव की एक महिला की शिशु को जन्म देने के कुछ देर बाद ही मौत हो गई। मौत की वजह अधिक रक्तस्राव होना बताया गया है। नवजात शिशु की हालत ठीक है। ग्राम पंचायत में एएनएम केंद्र बंद होने से महिला को तुरंत मदद नहीं मिल पाई।
67 किमी दूर अस्पताल ले जाना भी संभव नहीं हुआ। डांडा की एएनएम संतोष कंबोज का कहना है कि एएनएम केंद्र में प्रसव की सुविधा नहीं है। मौत की वजह अधिक खून बहना है। उन्होंने बताया कि ममता देवी को गर्भ के दौरान लगने वाला अंतिम टीका 20 अप्रैल को लगाया था। एएनएम दूसरे गांव में गई हुई थी।
प्रसूता की मौत का मामला मेरी जानकारी में नहीं है। पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद जांच कराई जाएगी। अगर स्वास्थ्य विभाग के किसी कर्मी की कमी की वजह से मौत की पुष्टि हुई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. आरपी खंडूरी, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।