स्टार्टअप में निवेश सबसे अलग
स्परूप मोहंती ने कहा कि उनके पिता ने सुरक्षित निवेश यानी जमीन आदि में निवेश किया। लेकिन, मैंने रिस्क लिया तो आगे बढ़ गया। वर्तमान पीढ़ी की बात है तो उसका तरीका थोड़ा अलग है। ऐसे में रिस्क यानी निवेश में खतरे की न सोचकर आगे बढ़ना ही असल में निवेश में लाभ की संभावना को बढ़ा देता है। सुरक्षा के आगे ही सोच ही जीत दिलाती है। यदि इस दिशा में सोचकर निवेश किया जाए तो आने वाले 10 साल भारत की बेहतरी के होंगे। स्टार्टअप की बात पर डॉ. शर्मा ने कहा कि स्टार्टअप में निवेश सबसे अलग होता है।
यह वह निवेश है जो आगे चलकर लाखों रोजगार देता है। देश को आगे बढ़ाने में मदद करता है। यह निवेश उन्हीं स्टार्टअप में किया जाता है जो आने वाले 15-20 सालों तक बने रह सकते हैं। यानी उसकी मांग कितने समय तक रह सकती है। किन स्टार्टअप को वह फंड नहीं करते हैं के सवाल पर डॉ. शर्मा ने कहा कि वह किसी अंत्रप्यनोर को देखकर मना नहीं करते हैं, बल्कि उस स्टार्टअप के मॉडल को देखकर निवेश करते हैं। जहां तक उनकी फंडिंग में च्वाइस की बात है तो 58 हजार लोगों ने आवेदन किया लेकिन इनमें से उन्होंने 500 स्टार्टअप को ही फंडिंग की।
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छोटे शहरों का बिजनेस सेंस अच्छा होता है : डॉ. शर्मा
डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा ने कहा कि छोटे शहरों का बिजनेस सेंस अच्छा होता है। यह उन्होंने अब तक के अनुभव से देखा है। इनमें उन्होंने ओयो रूम के साथ अन्य स्टार्टअप का उदाहरण दिया। इन्हें शुरू करने वाले सभी छोटे शहरों से आते हैं। आगे उन्होंने निवेश की रणनीति पर बात की। कहा, वर्तमान में ऑपरेशन सिंदूर के बाद उन सेक्टरों पर विश्वास बढ़ा है जो रक्षा उत्पाद बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हाल के दिनों में बाजार ने भी ऐसी ही कंपनियों पर भरोसा दिखाया जो कि रक्षा उत्पाद बना रही हैं।