पाकिस्तान ने झूठी खबरों को फैलाया। इन पर कुछ हमारे लोगों ने भी विश्वास किया। इससे पाकिस्तान ने एक मनोवैज्ञानिक युद्ध लड़ने की कोशिश की। ताकि, भारत के लोगों का मनोबल तोड़ा जा सके। ऐसे में अब जरूरत है कि सिर्फ सैन्य ताकत बढ़ने से नहीं बल्कि देश की जनता को भी अपना सहयोग इसमें देना होगा। देश के हर व्यक्ति को एक सामाजिक योद्धा के रूप में अपनी भूमिका निभानी होगी। ताकि, भविष्य में यदि इस तरह की कार्रवाई या युद्ध हो तो किसी के हाथ का हथियार न बनें। मंच से उन्होंने पत्रकारों से भी अपील करते हुए कहा कि वायरल होने के स्थान पर वेरिफाई (सत्यता जांचना) करने की आदत बनानी होगी। तभी सूचनाओं का आदान-प्रदान सही मायने में हो सकेगा।
आतंकवाद को अपनी मौत मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता
रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया में तमाम महामारी और बीमारी आई हैं। उनका एक न एक दिन अंत हुआ है। आतंकवाद भी एक महामारी है। लेकिन, इसे अपनी मौत मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता है। भारत आतंकवाद के खिलाफ है और कड़ी कार्रवाई कर रहा है। लेकिन, पूरी दुनिया को एक साथ आकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी। नहीं तो वह दिन दूर नहीं जब पूरी दुनिया इस बीमारी से ग्रसित हो जाएगी। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ आतंकवादियों को खत्म करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि आतंकवाद के इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करना होगा। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर में भारत पहला ऐसा देश बना जिसने आतंकवादियों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर न सिर्फ चोट की बल्कि जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के मुख्यालय तक तबाह कर दिए।