अमर उजाला की ओर से देहरादून में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में प्रदेशभर के उत्तराखंड बोर्ड के मेधावी पहुंचे। इनका संघर्ष जान आप भी कह उठेंगे, क्या बात है...
प्रदेश के मुख्यमंत्री से सम्मान पाने का मौका उनके जीवन का यादगार लम्हा बन गया। मेधावियों में इससे आगे बढ़ने का उत्साह कई गुना बढ़ गया। इनमें कई मेधावी ऐसे भी थे, जो संघर्षों और अभावों के बीच से निकलकर आगे बढ़े हैं।
फैक्ट्री में काम करके पाए 90 प्रतिशत
लक्सर निवासी जीआईसी मुंडाखेड़ा से 90 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं करने वाले विशाल सिंह की कहानी तमाम बच्चों के लिए प्रेरणा से कम नहीं। विशाल की मां कुसुम सिंह एक फैक्ट्री में काम करके उसकी पढ़ाई का खर्च चलाती हैं।
कई महीने पढ़ाई का खर्च चलाने के लिए खुद विशाल ने भी एक फैक्ट्री में दिन में काम किया और रात को पढ़ाई की। बावजूद इसके विशाल का हौसला कम नहीं हुआ और उन्होंने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में जिला हरिद्वार में तीसरा स्थान हासिल किया।
विशाल के पास वैसे तो बीएससी करने के लिए 80 हजार रुपए वार्षिक इंस्पायर स्कॉलरशिप का मौका है, लेकिन उन्होंने आईआईटी में जाने का लक्ष्य तय किया है। आजकल वह आईआईटी की तैयारी करने में जुटे हैं। सीएम के हाथों सम्मान होने पर विशाल बेहद खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है।
सबसे मुश्किल राह में जाने का लक्ष्य
रुड़की के एसएसडीपीसी गर्ल्स इंटर कॉलेज से इसी साल 95 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहने वाली प्राची गुप्ता का उत्साह सम्मान समारोह के बाद और बढ़ गया। प्राची ने बताया कि वह आईआईटी की प्रवेश परीक्षा पास करके इंजीनियर बनना चाहती हैं।
इसके लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है। छात्राओं के लिहाज से मुश्किल मानी जाने वाली आईआईटी की प्रवेश परीक्षा और आगे की पढ़ाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मुश्किल है, इसीलिए वह यहां भविष्य बनाना चाहती हैं। प्राची के पिता रेलवे में कैटरिंग मैनेजर हैं।
दून में सम्मान, आईएमए से पासआउट होने का ख्वाब
हल्द्वानी के हरगोविंद सुयाल सरस्वती विद्या मंदिर से 10वीं में 93.2 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में दूसरे स्थान पर रहने वाले मनमोहन सिंह बिष्ट आर्मी आफिसर बनना चाहते हैं।
मनमोहन ने बताया कि उनके पिता ग्रामीण विकास बैंक में कार्यरत हैं। उनका एक भाई बीएससी कर रहा है, जबकि एक भाई का पॉलीटेक्निक डिप्लोमा पूरा हो चुका है और एक की पॉलीटेक्निक की पढ़ाई चल रही है।
विशाल का सपना है कि वह देहरादून स्थित आईएमए से पासआउट होकर सेना में अफसर बने। सीएम के हाथों सम्मानित होने के बाद विशाल काफी प्रसन्न नजर आए। उन्होंने कहा कि आज उनका हौसला और बढ़ गया।