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35 साल बाद कराया मैरिज रजिस्ट्रेशन

Sun, 19 Jan 2014 10:04 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून में शुक्रवार देर रात बारिश शुरू हुई तो उसके तेवर देखकर विवाह पंजीकरण शिविर की चिंता सताने लगी थी।
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बारिश से खूब सताया
इसमें तब और इजाफा हो गया जब शनिवार सुबह भी झमाझम बारिश की बूंदें आसमान से गिरते देखीं। एक बार को लगा कि आसमान से बूंदें नहीं बल्कि किसी के अरमान झर रहे हैं।

मन में यह सवाल बार-बार उठ रहा था कि ऐसी बरसात में शादी का पंजीकरण कराने के लिए कौन आएगा? लेकिन तमाम आशंकाएं निर्मूल साबित हुईं। सुबह दस बजे से पहले ही कई लोग विवाह का पंजीकरण कराने के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंच चुके थे।
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जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया लोगों की संख्या भी बढ़ती गई। बाहर बारिश हो रही थी और अंदर लोग शादी के बंधन में कानूनी बंधन लगवा रहे थे। इनमें से अधिकतर ऐसे थे जिन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वे विवाह का पंजीकरण कराएंगे।

लोग उत्साहित नजर आए
कई ऐसे भी थे जो यह कहते थे कि इसकी जरूरत ही क्या है? लेकिन अमर उजाला ने पंजीकरण शिविर से पहले खबरें प्रकाशित कर इसकी अहमियत से उन्हें रूबरू कराया। यही वजह रही कि कैंप के लिए लोग उत्साहित नजर आए।

जोश ऐसा कि बारिश के बावजूद पंजीकरण कराने के लिए पहुंचे। कई लोगों शादी के 35 साल बाद पंजीकरण कराया। कई पूरे परिवार के साथ आए। माता-पिता के साथ बेटों-बहुओं ने भी पंजीकरण कराया।

बच्चे अपने दादा-दादी, मम्मी-पापा, चाचा-चाची और ताऊ-ताई की कानूनी शादी के गवाह बने। सुबह दस बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साह भी देखने लायक था। हर कोई इस कोशिश में था कि दफ्तर से कोई निराश न जाए।
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सुविधा के आगे भीगने की क्या चिंता
कैंप में कई लोग बारिश में भीगते हुए रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे, लेकिन उन्हें भीगने की कोई चिंता नहीं थी। जीएमएस रोड निवासी अमित चड्ढा पत्नी बबीता संग आए थे। अमित ने कहा कि अमर उजाला ने कैंप लगाकर जितनी सुविधा दी है, उसके आगे बारिश में भीगने का कोई अफसोस नहीं।
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