देश के जाने-माने ज्योतिषियों से मिलने की बाट जोह रहे लोगों के इंतजार की घड़िया खत्म होने वाली हैं। वैदिक, प्रश्न कुंडली, पराशर, हस्त रेखा के अलावा टैरो, अंक शास्त्र और शंख निधि के जानकार एक-एक करके देहरादून पहुंचने लगे हैं। ज्योतिष की अलग-अलग विधा के ज्ञानी एक मई को ग्राफिक एरा-अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में जनता को परामर्श देने के लिए उपलब्ध रहेंगे। वहीं, अगले दिन ज्योतिष की अलग-अलग विधाओं पर हो रहे शोध और शंकाओं का समाधान करेंगे।
एक मई को कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यपाल बेबी रानी मौर्य करेंगी, जबकि दो मई को ज्योतिषियों को सम्मानित करके कार्यक्रम का समापन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत करेंगे। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और रेखा आर्य भी मौजूद होंगी। एक तारीख के कार्यक्रम में प्रवेश पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा। दो तारीख के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने अमर उजाला दफ्तर फोन करके पंजीकरण करा लिया है। बता दें कि यह पंजीकरण कार्यक्रम में सहभागिता के लिए है, परामर्श के लिए नहीं।
निशुल्क है ज्योतिष महाकुंभ
अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ पूर्ण रूप से निशुल्क है। अगर कोई भी व्यक्ति आपसे इस महाकुंभ में परामर्श के लिए शुल्क मांगता है तो बिल्कुल न दें।
अपराजिताओं के लिए अलग से सत्र
अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत दो मई को महिलाओं के लिए विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में महिलाएं करियर संबंधी चिंता, पढ़ाई, विवाह के योग जैसे सवालों का प्रश्न कुंडली के माध्यम से जवाब पा सकेंगी। यह अवसर पहले रजिस्ट्रेशन कराने वाली 250 महिलाओं को मिलेगा। दो मई को विशेष सत्र में महिलाओं के अलावा किसी को भी परामर्श का मौका नहीं दिया जाएगा। इसके लिए अमर उजाला के नंबर 9675201318 पर कॉल कर अपना नाम और फोन नंबर बताकर पंजीकरण कराया जा सकता है।
ज्योतिष महाकुंभ के सितारे (सबके अलग-अलग बॉक्स बनाएं)
डॉ. पंडित सीताराम त्रिपाठी
शंख निधि के ज्ञानी हैं। बताया जाता है कि शास्त्रों में भी इस विद्या का उल्लेख है। अष्ट सिद्धि नव निधि और समुद्र मंथन से प्राप्त 14 रत्नों में से एक शंख निधि भी है। हस्तरेखा और कुंडली की तरह ही इस पद्धति के जरिए 100 प्रतिशत सत्य भविष्यवाणी की जा सकती है। हनुमान गदा शंख को जातक की नाभि में लगाने के बाद कान में लगाने से तुरंत भविष्य का पता चल जाता है।
हरलीन कौर
जिस तरह ज्योतिषशास्त्र व्यक्ति के भूत, वर्तमान और भविष्य के बारे में जानकारी देता है, उसी तरह टैरो कार्ड भी व्यक्ति विशेष के लिए भविष्य से जुड़े अनेक पहलुओं के बारे में संकेत करता है। इस विधा की माहिर माने जाने वालीं हरलीन कौर की देश के नामी टैरोकार्ड रीडर में गिनती होती है।
ललित मोहन जोशी
जातक की कुंडली देखकर उसकी शिक्षा, कैरियर के बारे में बताया जा सकता है। पंडित ललित मोहन जोशी का मानना है कि अक्सर हम अपनी इच्छाएं बच्चों पर थोप देते हैं, नतीजतन कई बार बच्चे दुविधा में आ जाते हैं और अपने करियर पर फोकस नहीं कर पाते हैं। जातक की कुंडली में उसके करियर के बारे में स्पष्ट संकेत होते हैं। ऐसे में चाहिए कि कुंडली के विशलेषण और बच्चों का रुझान देखने के बाद ही उन्हें करियर चुनने दें।
संतोष खंडूरी
देवभूमि के संतोष खंडूरी ज्योतिष के क्षेत्र में अच्छी पकड़ रखते हैं। इनके कई शिष्य विदेशों में हैं। इसके अलावा संतोष खंडूरी कई संस्थानों में ज्योतिष की शिक्षा भी देते हैं और इस क्षेत्र में आने वाले छात्रों को ज्योतिष की अलग-अलग विधाओं पर शोध करने की सलाह देते हैं। इनका मानना है ज्योतिष की हर विधा के जानकार को संस्कृति का ज्ञान होना आवश्यक है, क्योंकि हमारे शास्त्रों में कई ऐसी गूढ़ बातें हैं जो संस्कृति में ही लिखी हुई हैं।
विनोद पोखरियाल
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक रत्न किसी ना किसी ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं। रत्नों का संसार बहुत बड़ा है। यह कहना है रत्न शास्त्र के ज्ञानी विनोद पोखरियाल का। उनके अनुसार विशेष रूप से केवल नौ रत्न ही महत्वपूर्ण माने जाते हैं। रत्नों को धारण करने से मनुष्य को कई लाभ होते हैं। रत्नों का लाभ और अन्य बातें रत्न से संबंधित ग्रह पर निर्भर करती हैं।
धनेश मणि
ज्योतिष के क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों से पंडित धनेश मणि एक जाना पहचाना नाम हैं। पूर्वांचल की धरती पर जन्में धनेश मणि की वैदिक ज्योतिष पर अच्छी पकड़ है। उनकी कई भविष्यवाणियां अब तक सत्य साबित हो चुकी हैं। धनेश मणि का कहना है कि ज्योतिष एक बार पढ़ने की चीज नहीं है, इसमें निरंतर शोध जरूरी है तभी गणना और भविष्य फल सही आता है।