एक ओर केंद्र सरकार, आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली चिकित्सा पद्धति के चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति देकर बढ़ावा दे रही है तो वहीं उत्तराखंड के एकमात्र यूनानी मेडिकल कॉलेज के लिए प्रदेश सरकार बजट जारी नहीं कर पा रही है। हालांकि, हल्द्वानी में घोषित यूनानी अस्पताल का भवन बनकर तैयार हो चुका है। अगले महीने इसके उद्घाटन की भी योजना है, लेकिन इसके लिए भी अभी तक चिकित्सकों के पदों का सृजन नहीं हो सका है।
नियमानुसार, एक मेडिकल कॉलेज के लिए केंद्र सरकार की ओर से नौ करोड़ रुपये मिलते हैं। बाकी का बजट राज्य सरकार को वहन करना पड़ता है। इसी के चलते पिरान कलियर में वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत स्वीकृत यूनानी मेडिकल कॉलेज का काम अधर में है।
करीब एक महीने पहले आयुष निदेशालय की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मेडिकल कॉलेज के लिए बजट का इंतजाम कराने की मांग की गई, लेकिन अभी तक बजट जारी नहीं हो सका है। कलियर में यूनानी मेडिकल कॉलेज की घोषणा तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने वर्ष 2015 में की थी, लेकिन उन्होंने बजट जारी नहीं किया। वर्ष 2017 में भाजपा सरकार ने गढ़वाल और कुमाऊं में योजना को स्वीकृति प्रदान करते हुए साढ़े चार करोड़ की पहली किश्त भी जारी कर दी।
इसके बाद पिरान कलियर में मेडिकल कॉलेज के लिए 27 बीघा जमीन का चिह्नीकरण हुआ। यही नहीं, सर्वे के बाद नक्शा भी बना, लेकिन और बजट जारी नहीं होने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। उधर, कुमाऊं क्षेत्र के हल्द्वानी में स्वीकृत यूनानी अस्पताल के लिए नौ करोड़ 58 लाख का बजट जारी हुआ था। अस्पताल के निर्माण का काम लगभग पूरा हो गया है। अब 57 लाख रुपये जारी होने हैं। जनवरी, 2021 में अस्पताल के उद्घाटन की योजना है, लेकिन इसके संचालन के चिकित्सकों के पद के सृजन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।
युवाओं को मिल सकेगी बीयूएमएस की डिग्री
कलियर में यूनानी मेडिकल कॉलेज खुलने से जहां लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा तो वहीं युवाओं को बीयूएमएस की डिग्री हासिल करने के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही औषधीय महत्व की जड़ी बूटियों और वनस्पतियों की उपलब्धता का भी लोगों को फायदा मिलेगा।
संगठन लंबे समय से कर रहा है मांग
ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मतीउल्लाह मजीद ने बताया कि क्षेत्र में आयुष मंत्री हरक सिंह रावत को वर्ष 2019 में एक कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। इस दौरान उन्होंने जल्द मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू कराने का वादा किया था, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया है। इसके बाद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को सितंबर 2020 में ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य को हरी झंडी नहीं मिल पाई है।
पिरान कलियर में मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत मेडिकल कॉलेज का निर्माण स्वीकृत है। सचिव के निर्देश पर मुख्यमंत्री को करीब एक माह पूर्व पत्र भेजकर बजट मांगा गया है। हल्द्वानी में अस्पताल का भवन लगभग बन चुका है। जनवरी में उद्घाटन हो जाएगा। चिकित्सकों के पद सृजित नहीं होने के चलते फिलहाल व्यवस्थाओं के तहत चिकित्सकों की नियुक्ति कर अस्पताल का संचालन शुरू कराया जाएगा।
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डॉ. वाईएस रावत, निदेशक, आयुर्वेद एवं यूनानी सेवाएं उत्तराखंड