बाबा ने युवाओं को जानकारी दी कि दूध गंगा घाटी में एक भव्य ताल है, जिसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। लगभग तीन वर्ष पूर्व वे पहली बार पैंया ताल गए थे। इसके बाद संदीप व तनुज वासुकीताल से 7 किमी. दूरी तय कर लगभग दो घंटे में पैया ताल पहुंचे।
ताल के चारों तरफ व रास्ते में ब्रह्मकमल, फेन कमल व अन्य कई प्रजाति के फूल खिले हुए थे। इधर, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कवर ने बताया कि पैंया ताल के बारे में जानकारी नहीं हैं। जल्द ही ताल का भ्रमण कर पूरी जानकारी जुटाई जाएगी।
गूगल मैप में पैंया ताल नाम से केदारनाथ क्षेत्र में कोई ताल नहीं दिख रहा है, लेकिन चित्रों में जो ताल दिखाई दे रहा है वह केदारनाथ के ऊपर दूध गंगा घाटी में स्थित लग रहा है। जो समुद्रतल से लगभग साढ़े चार से पांच हजार मीटर की ऊंचाई पर है। यह मजबूत ताल है और इसमें पिघली बर्फ का पानी है, जो साफ है।
- डा. डीपी डोभाल, भू-वैज्ञानिक वाडिया संस्थान, देहरादून