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अमर उजाला देहरादून: स्थापना दिवस; 29 वर्षों का गौरवशाली सफर, स्याही से स्क्रीन तक, पाठकों का रहा अटूट विश्वास

Wed, 25 Feb 2026 12:57 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

। 29 साल पहले जब अमर उजाला ने देहरादून से नए सफर की शुरुआत की थी तब उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं था, बल्कि समाज की आवाज बनना था।
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अमर उजाला देहरादून - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अमर उजाला ने उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में अपनी 29 वर्षों की यात्रा पूरी की है। इन वर्षों में अमर उजाला ने नए राज्य के लिए संघर्ष को बहुत करीब से देखा और समाज की नब्ज को समझते हुए उसे अमिट शब्द दिए। राज्य गठन के पहले और बाद की विकास यात्रा में अमर उजाला सहयात्री की भूमिका में हमेशा नजर आया है। राज्य के जनसरोकारों, संस्कृति से जुड़ाव, आपके विश्वास और प्रतिबद्धता का उत्सव है 29 वर्षों की यात्रा।

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न सिर्फ संघर्ष बल्कि राज्य के युवाओं, महिलाओं और सैन्य प्रदेश के सपने और बदलाव का साक्षी रहा अमर उजाला। यह यात्रा हमारी नहीं, आप सबकी है। बीते 29 वर्षों में तकनीक बदली, पत्रकारिता का स्वरूप बदला लेकिन गौरवशाली सफर में पाठकों का अटूट विश्वास स्थिर रहा है।

अमर उजाला बीते वर्षों में कभी मार्गदर्शक बनकर, कभी बुलंद आवाज बनकर तो कभी परिवार के सदस्य के तौर आपके सुख-दुख में खड़ा दिखा है। इस दौरान पीढि़यां बदलीं, पहाड़ों का स्वरूप बदला लेकिन लगातार आप सुधि पाठकों का भरोसा नहीं बदला। अमर उजाला देहरादून से प्रकाशित होने वाले गढ़वाल के आठ संस्करणों के माध्यम से गांवों, छोटे कस्बों, शहरों में रहने वाले लोगों के बीच हमारा आत्मीय जुड़ाव हर सुबह का है।

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समाज की आवाज बनना उद्देश्य
सातों दिन चौबीस घंटे के बदलते डिजिटल दौर में हम आपके लिए उस माध्यम में भी निष्पक्ष, निर्भीक और जिम्मेदार पत्रकारिता के मानकों पर खड़े हैं। अखबार के साथ डिजिटल माध्यम में भी सामाजिक सरोकारों को और मजबूत करने के लिए जनहित के अभियानों, शिक्षा, पर्यावरण, भ्रष्टाचार, महिला सशक्तीकरण जैसे विषयों को सत्य, साहस और संवेदनशीलता के साथ आप तक पहुंचा रहे हैं। अखबार के साथ राज्य के लोगों ने हमारे डिजिटल प्लेटफार्म को भी अपनाया है।

अमर उजाला का उत्तराखंड से संबंध सिर्फ 29 साल पुराना नहीं है। इससे पूर्व अमर उजाला मेरठ कार्यालय से प्रकाशित होकर आप तक पहुंचाया जाता था। 29 साल पहले जब अमर उजाला ने देहरादून से नए सफर की शुरुआत की थी तब उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं था, बल्कि समाज की आवाज बनना था। यही कारण है कि अमर उजाला राज्य के लोगों के लिए सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं उत्तराखंड की धड़कन बन चुका है। चाहे राज्य आंदोलन की गूंज हो, आपदा की घड़ी में जनसहयोग की अपील हो या युवाओं को नई दिशा दिखाने की पहल अमर उजाला हर मोर्चे पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है।

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आज तक हर सुबह अखबार समूचे उत्तराखंड की हर महत्वपूर्ण घटना, सामाजिक परिवर्तन, सांस्कृतिक विरासत के साथ जनसमस्याओं का मजबूती से उठाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अपने हर पाठक तक सटीक और विश्वसनीय समाचार पहुंचे इसके लिए एक बड़े नेटवर्क के साथ अखबार ने खुद को समय के साथ ढाला है। यह सिर्फ एक वर्षगांठ नहीं बल्कि सेवा, विश्वास, संघर्ष, समर्पण और निरंतर प्रगति का उत्सव है।
 

-अमर उजाला परिवार

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