कोरोना से जंग में टीके लगवाने में दुर्गम पर्वतीय जिले मैदानों से आगे हैं। बागेश्वर जिले में 45 से ऊपर वाले 99 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। वहीं, अल्मोड़ा, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में भी 90 प्रतिशत अधिक टीकाकरण हो चुका है।
कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए पहाड़ों के लोगों में ज्यादा उत्साह है। जबकि मैदानी जिले के लोग टीके लगाने में संकोच कर रहे हैं। जबकि मैदानी जिलों में पहाड़ों से ज्यादा सहूलियतें हैं। पहाड़ों में कनेक्टिविटी समस्या, घर से टीकाकरण बूथ तक आने-जाने की दिक्कतों के बाद भी 45 से ऊपर के लोगों ने वैक्सीन लगवाने में उत्साह दिखाया है।
प्रदेेश में बागेश्वर एक मात्र जिला है, जहां पर 45 साल से ऊपर वाले 99 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। बागेश्वर में इस आयु वर्ग की आबादी 62277 है। इसमें 61724 को पहली और 23162 को दूसरी डोल लग चुकी है।
इसके साथ ही चमोली जिले में 96.2 प्रतिशत, अल्मोड़ा में 93.1 प्रतिशत और रुद्रप्रयाग जिले में 91 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। वहीं, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून व नैनीताल जिले पहाड़ों से पीछे हैं।
प्रदेश में कोविड टीकाकरण में पर्वतीय जिलों में बेहतर प्रगति है। बागेश्वर जिले में 45 से अधिक आयु वर्ग में 99 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। वहीं, अन्य पर्वतीय जिलों में भी 90 प्रतिशत अधिक टीकाकरण हुआ है।
- अमित सिंह नेगी, सचिव, स्वास्थ्य
वैक्सीन की पहली डोज के आधार जिलों की टीकाकरण स्थिति
जिला 18 से 44 45 से अधिक (आंकड़े प्रतिशत में)
बागेश्वर 17 99.1
अल्मोड़ा 6.9 93.1
चमोली 11.8 96.2
चंपावत 14.0 80.9
पौड़ी 6.9 89.7
पिथौरागढ़ 8.1 68.0
रुद्रप्रयाग 19.2 91.3
टिहरी 7.1 76.7
उत्तरकाशी 12.8 88.8
ऊधमसिंह नगर 4.9 35.2
देहरादून 7.5 71.4
हरिद्वार 4.3 40.3
नैनीताल 7.4 61.9
(नोट - सात जून तक लगे टीके के आधार पर टीकाकरण प्रतिशत आंकड़े)।
दिव्यांगों को कोरोना का टीका लगाने घर आएगी टीम
दिव्यांगजनों की परेशानी को देखते हुए उन्हें घर पर कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। चलने फिरने में असमर्थ दिव्यांगजनों के लिए जिला प्रशासन की ओर से यह व्यवस्था की गई है। स्मार्ट सिटी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम दिव्यांगों के घर जाकर कोरोना का टीका लगाएगी।
दिव्यांगों को संक्रमण से बचाने के लिए बीते बृहस्पतिवार को ही जिला प्रशासन की ओर से यह व्यवस्था लागू की गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी हेमलता पांडेय ने बताया कि जो दिव्यांगजन चलने फिरने में असमर्थ हैं या टीकाकरण केंद्र उनके घर से बहुत दूर है तो वह स्मार्ट सिटी के पोर्टल
https://dsclservices.org.in/vaccine-registration/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इसके लिए पहचान पत्र और दिव्यांगता प्रमाणपत्र का होना अनिवार्य है। आवेदन करने के बाद जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर उन्हें कोरोना का टीका लगा रहे हैं। बताया कि अभी तक विभिन्न कैंप में करीब 250 दिव्यांगों को कोरोना की पहली डोज लगाई जा चुकी है। टीकाकरण कैंप को सफल बनाने के लिए सामाजिक संस्थाएं भी आगे आ रही हैं।