राजनीति में न तो कोई स्थायी दुश्मन होता है और न ही घर वापसी की कोई बाध्यता। सारे गिले-शिकवे भुलाकर अमर सिंह एक बार फिर समाजवादी पार्टी में जाने के लिए मुलायम दिख रहे हैं।
लखनऊ के एक कार्यक्रम में नेताजी (मुलायम सिंह) के निकट पहुंचने पर अमर सिंह का हृदय परिवर्तन होना लाजिमी है। हालांकि चार साल पहले जो अमर सिंह सपा छोड़कर गए थे अब वैसे नहीं रहे।
अमर सिंह खुद कहते भी हैं कि जो अमर सिंह दिख रहा है वो मैं नहीं हूं। अमर सिंह बुधवार को देहरादून में थे और शाम को मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलने भी पहुंचे। रावत से अमर सिंह की बातचीत निजी और गोपनीय रही।