कार के खाई में गिरने की सूचना मिलते ही ग्रामीण रात में ही मौके पर पहुंच गए। अंधेरा होने के कारण घायलों को ऊपर निकालना चुनौतीपूर्ण था। इसके बाद रेस्क्यू चलाया गया।
पैरापिट, सुरक्षा रेलिंग होती तो बच जाती जान
अमृतपुर से भौर्सा के मार्ग पर जगह-जगह सुरक्षा पैरापिट और रेलिंग न होने से हादसे हो रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य प्रेमबल्लभ बृजवासी, अनिल चनौतिया, पूर्व प्रधान राजू पलड़िया, कांग्रेसी नेता केदार पलड़िया, डहरा के प्रधान मनोज चनौतिया, अमृतपुर के प्रधान डीके शर्मा ने बताया कि यदि पैरापिट और रेलिंग होती तो शायद हादसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि इसके लिए कई बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
तीन युवाओं की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर
कोटाबाग ब्लॉक के तीन युवकों की मौत से क्षेत्र में कोहराम मच गया। बुधवार को तीनों का स्थानीय सिद्देश्वर घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। पतलिया कुशानवाड़ निवासी हेम चंद्र कबड़वाल अविवाहित था और खेतीबाड़ी करता था। उसके पिता का निधन पहले ही हो चुका है। उसका एक छोटा भाई है। पान देव तिवारी की दो बेटियां हैं। वह भी खेतीबाड़ी कर परिवार का गुजारा करता था। हरीश चंद्र बुधलाकोटी की भी अब तक शादी नहीं हुई थी। वह भी खेतीबाड़ी करता था।