अल्मोड़ा जिला पंचायत में प्रावधानों के विपरीत की गई भर्तियों के मामले में वर्तमान अपर मुख्य अधिकारी आशा रानी पर गाज गिर गई है। शासन ने उनका तत्काल प्रभाव से चमोली स्थानांतरण करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। एएमए रानी पर आरोप है कि वह शासन के आदेशों की अवहेलना कर प्रावधानों के विपरीत नियुक्त कर्मचारियों की सेवा समाप्त नहीं कर रही थीं।
अल्मोड़ा में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और पूर्व अपर मुख्य अधिकारी ने मिलीभगत से अवर अभियंता समेत 45 कर्मचारियों को अंकेंद्रीयत सेवाओं में नौकरी दे दी थी। इस पर शासन से आपत्ति जताई जाने पर 27 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि बाकी 18 कर्मचारियों की सेवाएं जारी रखी गई। फिर शासन ने सीडीओ अल्मोड़ा से प्रकरण की जांच करायी। जिसमें सभी नियुक्तियां अवैध पायी गई।
प्रावधानों के विपरीत भर्ती मामला
लिहाजा, शासन स्तर से इन कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का फरमान जारी कर दिया गया। इसके बाद 18 में से नौ कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया और फिर निकाले गए नौ कर्मचारियों में से पांच को गोपनीय तरीके से पुन: नौकरी दे दी गई।
मामले की जांच में अनियमितता बरतने के आरोप में शासन ने एएमए आशा रानी के खिलाफ कार्रवाई की है। वहीं, दूसरी ओर प्रावधानों के विपरीत नौकरी पाने वाले कुछ कर्मचारियों ने अदालत की शरण ली है। अदालत ने फौरी राहत देते हुए कर्मचारियों को समायोजित करने के आदेश दिए हैं। लेकिन विभागीय अफसरों के सामने मुसीबत यह है कि पद सृजित नहीं होने की वजह से कर्मचारियों के समायोजन में दिक्कत आ रही है।