सामरिक महत्व की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में रोड सेफ्टी ऑडिट का प्रावधान न होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अपर मुख्य सचिव लोनिवि द्वारा रोड सेफ्टी ऑडिट को लेकर जो शुक्रवार को जो दिशा-निर्देश जारी हुए हैं, उसकी एक प्रमुख वजह लोक निर्माण विभाग का परियोजना के एक बड़े हिस्से की कार्यदायी एजेंसी होना है।
लेकिन सवाल इस बात को लेकर उठ रहा है कि दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील मानी जा रही इस परियोजना में सुरक्षा ऑडिट का प्रावधान क्यों नहीं किया गया? करीब 11700 करोड़ रुपये लागत की कुल 889 किमी लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में से 434.39 किमी राजमार्ग की कार्यदायी एजेंसी लोक निर्माण विभाग है। लोनिवि को 26 सिविल कार्य करने हैं, जिनमें से उसे 21 कार्यों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
ठेकेदार कंपनी को तत्काल मुआवजा देने के निर्देश
शासन की ओर से ठेकेदार कंपनी को हादसे में मारे गए मजदूरों के परिजनों को शुक्रवार को ही मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग हरिओम शर्मा के मुताबिक, शासन के निर्देश के बाद ठेकेदार कंपनी आरजी बिल्ड वैल को आदेश जारी कर दिए गए हैं और कंपनी ने मुआवजा देने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। उन्होंने कहा कि शासन से उन्हें सेफ्टी ऑडिट को लेकर भी आदेश प्राप्त हुए हैं। जल्द ही सेफ्टी ऑडिट के लिए एक भू-वैज्ञानिक एवं अधीक्षण अभियंता को तैनात किया जाएगा।
रुद्रप्रयाग जिले में भूस्खलन से हुए हादसा दुखद है। हादसे में मृतक श्रमिकों की आत्मा की शांति व शोक संतप्त परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना करता हूं। घटनास्थल पर हेलीकाप्टर भेजकर गंभीर रूप से घायल दो श्रमिकों को उपचार के लिए एम्स ऋ षिकेश लाया गया है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ व आपदा प्रबंधन की टीमें राहत एवं बचाव में जुट गई थीं।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री
हादसे में सात मजदूरों के मलबे में दबने की सूचना है। दो घायल हैं। लेकिन औपचारिक जानकारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। घायलों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए जो भी आवश्यक होगा, उसे करने के निर्देश दिए गए हैं।
- उत्पल कुमार सिंह, मुख्य सचिव