- रात 10 बजे बंद हो जाते हैं सिग्नल, चालू रहता है ब्लिकिंग मोड
- पुलिस रात के समय करेगी निगरानी, लोगों की आदत का भी लगेगा अंदाजा
शहर के सभी ट्रैफिक सिग्नलों को अब रात 12 बजे तक चालू रखा जाएगा। अभी तक रात में 10 बजे ट्रैफिक सिग्नल बंद कर इन्हें ब्लिकिंग मोड (पीली लाइट) पर चलाया जाता है। रात के समय पुलिस इसकी निगरानी भी करेगी। ताकि, लोगों की आदत का अंदाजा भी लगाया जा सके। एक तरह से देखा जाएगा कि हादसे के बाद लोगों में कितनी जागरूकता आई है।
शहर में 49 चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं। यातायात के हिसाब से इन्हें संचालित किया जाता है। मसलन, अगर यातायात दिन के समय अधिक है तो वहां पर ट्रैफिक मैन्युअली भी चलाया जाता है। इसके बाद सिग्नल को ब्लिकिंग मोड पर कर दिया जाता है। इसी तरह रात के समय 10 बजे तक यातायात कम हो जाता है तो ट्रैफिक सिग्नलों को फिर से पीली लाइट पर ही कर दिया जाता है। व्यस्ततम चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। जबकि, बाकी जगहों पर यातायात स्वयं चलता है, लेकिन अब इनके समय में बढ़ोतरी की जा रही है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि रात के समय निगरानी भी की जाएगी। कैमरों के माध्यम से देखा जाएगा कि लोगों में सिग्नल पर रुकने की प्रवृत्ति है या फिर रात के समय ऐसे ही निकल जाएंगे। रात के समय नियमों का उल्लंघन करने पर चालान भी किए जाएंगे।
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सभी चौराहों पर बनेंगे स्पीड ब्रेकर
पिछले दिनों हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने स्पीड ब्रेकर को लेकर भी प्रस्ताव मांगे थे। इसके लिए सभी थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्र में चौक की स्थिति को देखकर वहां स्पीड ब्र्रेकर लगाने का प्रस्ताव मांगा गया था। बता दें कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर ब्रेकर नहीं लगाए जा सकते हैं, लेकिन शहर के भीतर अब सभी चौक चौराहों पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएंगे। ताकि, लोगों के वाहनों की गति को नियंत्रित किया जा सके।