पिछले दिनों राजधानी देहरादून में चर्चा में आए एनएसयूआई गोलीकांड के चारों आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। बीते दिनों सरे बाजार दो छात्रों को गोली मारने के बाद से ही यह आरोपी फरार चल रहे थे।
एनएसयूआई गोलीकांड में शामिल तीन अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार एक छात्र मुख्य आरोपी रमन बिष्ट के साथ गोली मारते वक्त मौजूद था। जबकि दो अन्य अप्रत्यक्ष तौर पर गोलीकांड से जुड़े हुए है।
दोस्त के घर ली थी पनाह
सभी का कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मंगलवार को एसओजी और नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस को सूचना मिली की नवदीप नेगी व प्रदीप तिवारी को गोली मारने वाले रमन बिष्ट के साथ बाइक में बैठे दूसरा छात्र अमन मल्होत्रा पुत्र सुरेश कुमार निवासी ऋषिनगर, रायपुर आईएसबीटी में अपने दोस्त के घर छुपा हुआ है।
पुलिस ने उसे मंगलवार सुबह दबोच लिया। उसने पुलिस को बताया कि मुख्य अभियुक्त रमन ने उसका दाखिला डीएवी महाविद्यालय में बीकॉम प्रथम वर्ष में कराया था। तब से वह रमन को मानने लगा था। घटना वाले दिन रमन ने उसे बाइक लाने को कहा।
अमन ने बताया कि उसे नहीं पता था कि रमन गोली मारने जा रहा है। जब उसने गोली मारी तो वह हड़बड़ा गया और बाइक लेकर भागने लगा। लेकिन बाइक पर पीछे बैठे रमन ने पिस्टल उससे सटा दी और बाइक की रफ्तार बढ़ाने को कहा। उसके बाद दोनों बाइक लेकर मालदेवता के रास्ते रानीपोखरी रमन के दोस्त के घर पहुंचे।
जहां से रमन कहीं और चला गया और वह मसूरी अपनी बुआ के घर आ गया। बुआ को शक न हो इसलिए वह कुछ दिन पहले ही आईएसबीटी अपने दोस्त के घर आ गया। उसने बताया कि रमन के पास पिस्टल के अलावा एक तमंचा भी था।
एसपी सिटी डा. जगदीश चंद्र ने बताया पुलिस ने दो अन्य दिलबहादुर थापा पुत्र संत बहादुर निवासी एफआरआई आवास और सोनू तिवारी उर्फ अभिषेक तिवारी पुत्र राजेंद्र तिवारी निवासी पंडितवाड़ी को भी गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बरामद कर लिया तमंचा
अमन ने ही पुलिस पूछताछ में बताया था कि घटना के बाद रमन बिष्ट ने तमंचा और दो कारतूस अपने दोस्त दिलबहादुर को दिया। दिलबहादुर ने तमंचा सोनू को दे दिया। सोनू ने यह तमंचा अपने घर के पास स्थित खंडहर में फेंक दिया था। जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया।