उत्तरप्रदेश की विधानसभा में विस्फोटक बरामद होने की सनसनीखेज घटना का असर उत्तराखंड तक हुआ है। शुक्रवार को घटना से सबक लेते हुए स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने सुरक्षा को लेकर एक बैठक बुलाई और दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में विधानसभा के स्टाफ से लेकर परिसर के बाहर आसपास के दुकानदारों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने विधानसभा के आसपास अतिक्रमण के संबंध में एमडीडीए से रिपोर्ट तलब की। विस के नजदीक बहुमंजिली इमारत के निर्माण को अनुमति दिए जाने को लेकर भी उन्होंने ब्योरा मांगा।
इसके अलावा विधानसभा में वाहनों की आवाजाही को लेकर तय हुआ कि बगैर पास के किसी भी वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। बड़ा हो या छोटा, प्रवेश के दौरान सबकी चेकिंग होगी।
माननीयों के वाहन में साथ आने वाले लोगों की भी जांच होगी। जांच का तरीका क्या होगा, इस बारे में नेता सदन और नेता प्रतिपक्ष के प्रतिनिधि से वार्ता कर तय किया जाएगा। विधानसभा के आसपास वाहनों की पार्किंग पर रोक लगा दी गई है।
विधानसभा के पास ठेली-रेहड़ी पर प्रति
परिसर के नजदीक किसी भी तरह का वाहन पार्क नहीं हो सकेगा। विस के बाहर रिस्पना पुल से विस के परिसर के बाहर वाली रोड पर ठेली-रेहड़ी पर प्रतिबंध होगा। सीसीटीवी से लैस कर विस की आंतरिक सुरक्षा को अभेद्य बनाने की तैयारी है।
सुरक्षा के ये कड़े इंतजाम हर वक्त रहेंगे। बैठक में सचिव विस जगदीश चंद्र, अपर पुलिस महानिदेशक राम सिंह मीणा, पुलिस महानिरीक्षक इंटेलीजेंस एपी अंशुमान, अपर सचिव एसएडी अर्जुन सिंह, जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन, एसएसपी निवेदिता समेत पुलिस व विस सुरक्षा से जुड़े कई अफसर मौजूद थे।
यूपी की घटना अलार्म है। हमें भी चौकस हो जाना चाहिए। सुरक्षा को लेकर हमारी तैयारियां बेहतर हैं। लेकिन इसे और मजबूत बनाया जा रहा है। मैंने पुलिस व प्रशासन को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सबसे सहयोग का आकांक्षी हूं। एक महीने में सुरक्षा प्रबंधों की फिर समीक्षा होगी।
- प्रेम चंद अग्रवाल, स्पीकर