प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू ने रामनगर में होने वाली जी20 बैठक को लेकर धमकी दी है। पन्नू की रिकॉर्डेड आवाज में इस तरह के धमकी वाली कॉल रविवार शाम को सैकड़ों नंबरों पर आई। इसमें पन्नू ने रामनगर को खालिस्तान का हिस्सा बताते हुए बैठक के दौरान वहां खालिस्तान के समर्थन में झंडे लगाने की बात कही है। यह कॉल सबसे ज्यादा मीडिया और सरकारी कर्मचारियों को आए हैं। मामला संज्ञान में आते ही डीजीपी अशोक कुमार ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। विभिन्न नंबरों की जांच में एसटीएफ को लगाया गया है।
रामनगर में तीन दिन 28 से 30 मार्च को जी20 बैठक में 20 देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं। इसके लिए पुलिस ने भी खासी तैयारियां की हैं। इसी बीच रविवार को पन्नू की इस तरह की धमकी भरे कॉल से एकाएक हलचल शुरू हो गई। शाम से लोगों के पास विभिन्न भारतीय नंबरों से काल आनी शुरू हो गईं। इसमें पन्नू धमकी भरे अंदाज में कह रहा है कि रामनगर भारत का हिस्सा नहीं बल्कि खालिस्तान है। सिख फॉर जस्टिस रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट समेत बैठक के दौरान वहां खालिस्तान के समर्थन में झंडे लगाएगा। इससे पहले पन्नू ने बीते 15 मार्च को अमृतसर में हुए जी20 सम्मेलन को लेकर भी इसी तरह की धमकी दी थी।
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मुख्यमंत्री को धमकी, मुकदमे दर्ज हुए तो खुद होंगे जिम्मेदार
माई सिटी रिपोर्टर
देहरादून। खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत पन्नू कॉल पर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी धमकी दे रहा है। कह रहा है कि यदि उत्तराखंड में उनके संगठनों के लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए तो इसके लिए जिम्मेदार मुख्यमंत्री होंगे। रात तक यह मामला डीजीपी अशोक कुमार के संज्ञान में भी आ गया। उन्होंने इसकी तत्काल एसटीएफ से जांच कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। एसटीएफ ने इन तमाम नंबरों को ट्रेस करना शुरू कर दिया है।
उत्तराखंड में नहीं सिख फॉर जस्टिस का आधार
यह पहला मामला नहीं है जब पन्नू के इस तरह के मैसेज वायरल हुए हों। पहले भी कई बार इस तरह से लोगों के पास कॉल आती रही हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उत्तराखंड में सिख फॉर जस्टिस संगठन का कोई आधार नहीं है। यहां पर उसके समर्थक भी पुलिस की नजर में नहीं आए हैं।
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न्यूयॉर्क में वकालत करता है पन्नू
पन्नू अमेरिका में रहता है और न्यूयॉर्क में वकालत करता है। उसे सिख फॉर जस्टिस का चेहरा माना जाता है। पन्नू कई सारी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। पन्नू ने दो साल पहले ''''रेफरेंडम 2020'''' आयोजित करने की कोशिश की थी, जिसमें उसने दुनियाभर के सिखों से खालिस्तान के समर्थन में वोट देने की अपील की थी। वह युवाओं को खालिस्तान के लिए भड़काता रहा है। जुलाई 2020 में पन्नू को यूएपीए (गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून) के तहत आतंकवादी घोषित किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पन्नू ने एक बार भारतीय छात्रों को खालिस्तानी झंडा उठाने और खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाने को कहा था और इसके बदले में उन्हें आईफोन 12 मिनी देने का वादा किया था।