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उत्तराखंड के जंगलों में छिपे हैं आतंकी!

Thu, 25 Sep 2014 07:49 PM IST
अमर उजाला, कोटद्वार
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यूपी के बिजनौर जिले में कुछ दिनों पूर्व अधबने बम में हुए धमाके के बाद से जिन आतंकवादियों की जोरशोर से तलाश की जा रही है, उनके यूपी और उत्तराखंड की सीमा से जुडे़ जंगलों में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।
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इन सूचनाओं से पौड़ी जिले में पुलिस और वन महकमे की नींद उड़ी हुई है। दो दिनों से क्षेत्र में पुलिस और खुफिया एजेंसियों का जाल बिछा हुआ है।

यूपी एंटी टेरेरिस्ट सेल (एटीएस) की फारेंसिक टीम ने कोटद्वार में बरामद लूट की कार का मुआयना कर फिंगर प्रिंट आदि लिए। वह लूटी गई कार के तार बिजनौर से फरार आतंकियों से जोड़कर देख रही है।

शनिवार को उत्तराखंड-यूपी सीमा स्थित कौड़िया चेक पोस्ट पर दो बदमाश रामपुर से लूटी गई स्विफ्ट डिजायर कार को छोड़कर जंगल में घुसकर ओझल हो गए थे।

खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ी

कार लूटने की घटना तड़के बिजनौर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में नहटौर रोड पर हुई थी। वारदात में हमलावर चालक और उसके साथी को धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर गए थे। बदमाश इस कार को रामपुर से हरिद्वार जाने के लिए किराए पर लाए थे।

अब यूपी एटीएस इस घटना को आतंकियों से जोड़कर देख रही है। इस सिलसिले में कार से फिंगर प्रिंट लिए गए हैं। बताया जा रहा है कि कार के घायल चालक से पुलिस ने जिस व्यक्ति की पहचान कराई है, वह आतंकी हो सकता है।

यूपी की सूचनाओं के आधार पर उत्तराखंड खासकर कोटद्वार पुलिस और खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ी हुई है।
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वन गुर्जरों से लगातार संपर्क

कोतवाली पुलिस लालढांग से लेकर सनेह तक के जंगल खंगाल चुकी है। वन गुर्जरों से लगातार संपर्क रखा जा रहा है।

हर संदिग्ध पर कड़ी नजर रखी जा रही है। कोटद्वार से लेकर चिलरखाल, जशोधरपुर और सिगड्डी औद्योगिक एरिया में बाहर से आकर रहने वालों का सत्यापन तेज कर दिया गया है।

उत्तराखंड इंटेलिजेंस के डिप्टी एसपी स्तरीय एक वरिष्ठ अधिकारी ने कोटद्वार क्षेत्र में डेरा डाल लिया है। वह यहां चल रही जांच और सत्यापन कार्य का फीडबैक लेकर विश्लेषण में जुटे हैं।

कोतवाल प्रमोद शाह का कहना है कि क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों और मिक्स आबादी क्षेत्रों में सत्यापन चल रहा है। एसओसी क्षेत्र के मोबाइल टावरों में आने वाले नए नंबरों की पड़ताल में जुटी है।
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