ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे की मौत की खबर से हल्द्वानी समेत पूरा कुमाऊं स्तब्ध है। मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर खत्योला के रहने वाले प्रकाश के माता-पिता, पत्नी-बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। इस घटना से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और व्यापारियों में जबर्दस्त गुस्सा है। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल, प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने बुधवार को हल्द्वानी बंद का आह्वान किया है।
भाकपा माले ने बंद को समर्थन दिया है तो कांग्रेस ने इस घटना के विरोध में मंगलवार को हल्द्वानी-नैनीताल समेत कुमाऊं भर में सरकार के पुतले फूंके। प्रशासन भी हालात की नजाकत के मद्देनजर काफी सतर्कता बरत रहा है।
पांडे के घर के आसपास और शहर में दूसरे स्थानों पर फोर्स को चौकस कर दिया गया है। मंगलवार को दिन में एडीएम सिटी हरवीर सिंह समेत कई प्रशासनिक अफसर प्रकाश पांडे के घर गए लेकिन वह पांडे के निधन की मनहूस खबर उनके घरवालों को देने की हिम्मत नहीं कर सके।
बाद में डीएम, एसएसपी के साथ ही अन्य अधिकारियों ने प्रकाश पांडे के घर जाकर परिजनों को ढाढ़स बंधाया। पुलिस-प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है। खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हैं।
इस मुद्दे पर कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा है कि नोटबंदी और जीएसटी ने व्यापार को तबाह कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से बात कर ट्रांसपोर्टर की पत्नी को नौकरी और उनके परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने, बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि व्यापारी प्रकाश पांडे ने आत्महत्या नहीं की बल्कि नोटबंदी और जीएसटी के हाथों उसकी हत्या हुई है। आम आदमी पार्टी ने भी इस मसले पर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया है।
नैनीताल के डीएम रहे आईएएस सूर्य प्रताप ने कहा है कि प्रकाश के परिवार को न्याय नहीं मिला तो वह आंदोलन करेंगे। इस बीच किराए के घर में रह रही प्रकाश पांडे की पत्नी बच्चों के साथ नई बस्ती काठगोदाम स्थित ससुर के घर में चली गई है।