शीत ऋतु में अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात होने पर जंगली जानवर निचले क्षेत्रों, घाटियों में आ जाते हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में शिकारियों-तस्करों की सक्रियता की आशंका अधिक रहती है। इसे देखते हुए विभाग की ओर पूरे शीतकाल के लिए भी अलग से अलर्ट जारी किया है।
कॉर्बेट प्रशासन ने सर्पदुली, बिजरानी, झिरना, ढेला आदि रेंजों में विशेष सतर्कता के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए पियर टू पियर कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं। ताकि शिकारियों को आसानी से पकड़ा जाए।