विधानसभा चुनाव में शराब के ट्रक को लेकर दून और टिहरी पुलिस में ठन गई थी। टिहरी की एसओजी यूपी के बॉर्डर से शराब से भरे एक ट्रक को पकड़कर लाई थी। ऋषिकेश में चेकिंग के दौरान यह राज खुला तो गुडवर्क करने को लेकर दोनों जिलों के पुलिस में तकरार हो गई। बात इतनी बढ़ी कि तत्कालीन डीजीपी एमए गणपति को हस्तक्षेप करना पड़ा था। देहरादून की तत्कालीन एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने इस मामले की जांच एसपी ट्रैफिक को सौंपी थी, मगर विभागीय किरकिरी से बचने को बाद में जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।
निकाय चुनाव में शराब के प्रयोग पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। प्रदेश भर में पुलिस को बॉर्डर पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ पूर्व में प्रकाश में आए तस्करों पर शिकंजा कसने को कहा गया है। लोगों से भी अनुरोध किया जा रहा है कि यदि कहीं भी शराब का वितरण होता है तो तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी जाए, ताकि संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
-अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था।
निकाय चुनाव के मद्देनजर शराब की तस्करी अथवा आपूर्ति रोकने के लिए जिले भर में पांच टीम गठित की गई हैं। इनमें से एक-एक टीम विकासनगर, मसूरी, ऋषिकेश और दो टीमें शहर में लगाई गई हैं। संदिग्ध वाहनाें की चेकिंग के साथ शराब ठेकों की निगरानी कराई जा रही है। होटल, रेस्टोरेंट संचालकों को हिदायत दी गई है कि पार्टी आयोजित कराने से पहले यह सुनिश्चित करा लिया जाए कि वह किसी प्रत्याशी द्वारा प्रायोजित तो नहीं हैं।
-मनोज उपाध्याय, जिला आबकारी अधिकारी