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महिलाओं ने शराब छुड़वाकर इस गांव में किया मंगल

Fri, 19 May 2017 01:36 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गरुड़ (बागेश्वर)
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बागेश्वर के सीमांत गांव छत्यानी की महिलाओं ने सरकार की शराब की दुकानों  के विरोध को उचित नहीं ठहराकर नशेड़ियों पर नकेल कसने का नया तरीका अपनाया है।
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महिलाओं के निर्णय से अब गांव में शादी आदि शुभ अवसरों पर कोई व्यक्ति शराब पीते नजर नहीं आता है। महिलाएं 500 रुपये जुर्माना वसूलने के साथ-साथ ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार भी करती हैं।
   
बागेश्वर जिले के सीमांत गांव छत्यानी में एक साल पहले तक अवैध शराब बिक्री के कारण शादी बरात में शराब पीकर बराती और घराती उत्पात मचाते थे। गांव के पुरुषों द्वारा कोई कदम नहीं उठाने पर गांव की महिलाओं ने गत वर्ष महिला मंगल दल का गठन कर शराब के खिलाफ आंदोलन छेड़ा।
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गांव की महिला मंगल दल अध्यक्षा प्रेमा भंडारी ने बताया कि गांव की महिलाएं हर रविवार को गांव की चौपाल में एकत्र होती है। शुभ अवसरों पर महिलाओं की एक टीम उन लोगों को चिन्हित करती है जो शराब पीये होते हैं। शराब पीया कोई बाराती या घराती नजर आता है तो महिलाएं उसे बिच्छू घास लगाने के बाद कमरे में बंद करने के साथ उससे पांच सौ रुपये अर्थदंड वसूलते हैं।

महिलाओं के इस निर्णय से छत्यानी गांव में अब बारात आदि सुअवसरों पर कोई व्यक्ति शराब के नशे में नहीं दिखता है। महिला मंगल दल की महिलाओं ने बताया कि मंगल दल की महिलाओं ने गांव में स्वच्छता और साक्षरता पर कार्यक्रम चलाया है।
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गांव के पूर्व प्रधान इंद्र सिंह रावत वन पंचायत सरपंच लक्ष्मण सिंह रावत ने बताया कि जब से महिलाओं ने नशे के खिलाफ अभियान छेड़ा है तब से गांव में सुख शांति है। महिलाओं के अभियान से प्रेरित होकर गांव का 18-25 उम्र का कोई नव युवक शराब नहीं पीता है। महिला मंगल दल अध्यक्षा ने बताया कि अगले साल विश्व पर्यावरण दिवस को दल को वार्षिक सम्मेलन होगा। इसमें शराब छोड़ने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
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