उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता विधेयक पास होने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रदेशवासियों का अभिनंदन किया। परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 में उल्लेखित है कि राज्य पूरे देश में एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। यह निर्णय सुनिश्चित करेगा कि उत्तराधिकार, विवाह, संपत्ति के अधिकार आदि संबंधी नियम समान होंगे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने विभिन्न प्रस्तावों और छात्रा-छात्रों से विभिन्न माध्यमों से चर्चा के बाद यह मत देती रही है कि देश में संविधान के अनुरूप समान नागरिक संहिता लागू की जाए। कहा कि अभाविप की मांग है कि पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू की जाए। समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड ने जो एक दिशा दिखाई है, वह ‘एक देश, एक कानून’ की आवश्यकता के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगी।