उन्होंने सवाल उठाया कि ईसाई मिशनरी के पास इतना धन कहां से आ रहा है, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईसाई अपने ट्रस्ट, शिक्षण संस्थान, अस्पताल, कंपनियों में नौकरी भी उन्हीं को देते हैं, जो धर्म परिवर्तन कर लेते हैं।
उन्होंने फर्जी तरीके से बन रहे शंकराचार्य, कथित संतों और किन्नर अखाड़ा बनाने के सवाल पर कहा कि यदि कोई अपने को किसी पदवी से विभूषित करा लें तो इसमें कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन कुंभ में फर्जी संतों को मेला क्षेत्र में भूमि आवंटित नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए मेलाधिकारी से मिलकर बात की गई है। इस मौके पर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी, आचार्य संजीव महाराज आदि मौजूद रहे।