अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद 2021 में होने वाले हरिद्वार कुंभ की रणनीति 12 जून को उज्जैन में होने वाली बैठक में तय करेगी। बैठक में पारित प्रस्तावों को लेकर अखाड़ों के सभी संत हरिद्वार आएंगे और 15 जून को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ बैठक करेंगे।
गौरतलब है कि कुंभ के अब कुल डेढ़ वर्ष बचे हैं और उत्तराखंड सरकार ने कुंभ की एक भी बैठक नहीं बुलाई है। न तो मेलाधिकारी और न मेला एसएसपी की घोषणा ही की गई है। अब मुख्यमंत्री ने संतों को संदेश भेजा है कि वे 15 जून को हरिद्वार में संतों के बीच आ रहे हैं। मुख्यमंत्री के साथ शासन के उच्च अधिकारी भी होंगे। इसे देखते हुए अखाड़ा परिषद ने अपनी बैठक दूसरे कुंभ नगर उज्जैन में बुला ली है।
इस बैठक में भाग लेने के लिए अखाड़ों के प्रतिनिधि उज्जैन जाएंगे। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने बताया कि अखाड़ा परिषद के बैठक इस बार उज्जैन में ही होनी थी। सभी अखाड़ों से विचार और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इसके आधार पर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
हरि गिरि ने बताया कि संत समाज चाहता है कि हरिद्वार कुंभ के प्रबंध अब तक के हुए कुंभों में सर्वश्रेष्ठ हों, इसलिए चारों कुंभ नगरों का निचोड़ हरिद्वार के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रयाग अर्द्धकुंभ में अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रबंध किए गए थे। अब हरिद्वार कुंभ को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने के बाद संत जगत प्रधानमंत्री से भी भेंट करने जाएगा।