भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट द्वारा ब्राह्मण समाज के प्रति की गई टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को बढ़ता देख भट्ट ने कहा है कि वह ब्राह्मण समाज सहित किसी भी वर्ग के अपमान करने की बात सपने में भी नहीं सोच सकते हैं। ब्राह्मण समाज के कुछ विद्वतजन बिना पुष्टि किए कांग्रेस के षड्यंत्र का शिकार हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि बिना किसी अपराध के भी ब्राह्मण समाज उनको दोषी समझता है तो वह क्षमा मांग सकते हैं, लेकिन हरीश रावत और कांग्रेस के प्रति उनका अभियान तेजी से जारी रहेगा।
गौरतलब है कि शनिवार को रुड़की में आयोजित पर्दाफाश रैली के दौरान भट्ट ने शराब को लेकर टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी का ब्राह्मण समाज विरोध कर रहा है।
भट्ट के बयान को लेकर हो रहे प्रदर्शन
ajay bhatt
- फोटो : amar ujala
रुड़की में भट्ट के बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मामले को तूल पकड़ता देखकर सोमवार को भट्ट ने अपना बयान जारी किया है।
उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री और उनके साथी प्रदेश में भाजपा द्वारा चलाई जा रही पर्दाफाश यात्रा की सफलता को देखकर अपना संतुलन खो बैठे हैं। यही कारण है कि वे एक षड्यंत्र के तहत इस प्रकार का दुष्प्रचार कर रहे हैं कि मैंने ब्राह्मण समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कांग्रेस सरकार की शराब नीति और अन्य भ्रष्टाचार के खिलाफ हमला बोला है। इस बात से जनता का ध्यान हटाने के लिए यह षड़यंत्र रचा गया है।
'मैं खुद भी ब्राह्मण वर्ण में जन्मा हूं'
अजय भट्ट
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भट्ट ने अपने बयान में कहा है कि कांग्रेस के नेता इतने हताश हो गए हैं कि उन्हें यह ध्यान भी नहीं रहा कि वे मेरे द्वारा जिस वर्ग के अपमान की बात कह रहे हैं, उनका जन्म भी उसी वर्ण में हुआ है। वह ब्राह्मण समाज को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने की बात सोच भी नहीं सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वे ब्राह्मण, संतों और विद्वानों का सम्मान करते हैं। उन्होंने ब्राह्मण और संत समाज से अनुरोध किया है कि वह हरीश रावत व उनके साथियों के बहकावे में नहीं आएं। बल्कि समाज में वैमनस्य पैदा करने वाली सरकार को चुनाव में सबक सिखाने का संकल्प लें।