भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को चुनौती दी है कि वो उनके साथ सार्वजनिक स्थल पर बहस करें।
कहा कि स्टिंग प्रकरण को लेकर बंद कमरे में सफाई देना हास्यास्पद है। स्टिंग प्रकरण में यदि मुख्यमंत्री निर्दोष हैं तो सीबीआई जांच से बचने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? पूछा की अपनी ही सरकार की एक मंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की मीटिंग बुलवा कर सीबीआई जांच रोकने का प्रस्ताव क्यों पारित करवाया।
बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान भट्ट ने कहा कि जुगाड़ से चल रही रावत सरकार का ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों पर नहीं है। प्रदेश आपदा की स्थिति से गुजर रहा है और मुख्यमंत्री का ध्यान उस ओर नहीं है। मुख्यमंत्री आपदा पीड़ितों को सहायता पहुंचाने के बजाए सलाह दे रहे हैं कि वो अपने रिश्तेदारों के यहां जाकर ठहर जाएं।
उन्होंने कहा कि 2013 में आई आपदा के बाद 342 गांवों के लोगों को पुनर्वासित करने की योजना तैयार की थी, लेकिन आज तक एक गांव भी पुनर्वासित नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि उनको सहयोग नहीं मिल रहा है।
प्रदेश सरकार की ओर से आज तक इसका प्रस्ताव तैयार कर केंद्र को नहीं भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी नाकामी को छुपाने के लिए उल्टी सीधी हरकत कर रहे हैं, अगर उनमें नैतिक साहस है तो वो सार्वजनिक रूप से जनता के सवालों का जवाब दें।
Published By : Nirmala Suyal