केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने निर्देश दिए कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण और विकास कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। टिहरी बांध विस्थापित पहले ही अपना घर बार छोड़कर यहां विस्थापित हुए हैं। विस्तारीकरण में दोबारा टिहरी बांध के विस्थापितों के घरों को न छेड़ा जाए। अपरिहार्य होने पर अच्छे विकल्प पर विचार हो। उन्होंने एयरपोर्ट के सीएसआर फंड से एक हिमालय लाइब्रेरी स्थापित करने और स्थानीय स्कूलों का विकास में योगदान देने को भी कहा। निदेशक ने बताया कि माजरी इंटर कॉलेज गोद लिया गया है।
निशंक ने स्थानीय लोगों के रोजगार को संरक्षित रखने को भी कहा। निदेशक ने एयरपोर्ट भवन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद निशंक ने निर्माणाधीन नई टर्मिनल बिल्डिंग का निरीक्षण किया और कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में केंद्रीय नागरिक उड्ड्यन मंत्रालय की संयुक्त सचिव उमा पाधी, सदस्य रविंद्र बेलवाल ,संजीव चौहान ,पूर्व मित्तल ,राजीव तलवार,आशीष चौहान, नगर निगम आयुक्त विनय शंकर पांडे व मनवीर चौहान आदि उपस्थित रहे।
हिमालय दर्शन योजना शुरू होनी चाहिए
केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण को हिमालय दर्शन जैसी योजनाएं शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं में हेली सेवा प्रदाताओं और जीएमवीएन व केएमवीएन की मदद लेनी चाहिए ताकि पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
एयरपोर्ट मार्ग चौड़ीकरण का मुद्दा भी उठा
बैठक में सलाहकार समिति सदस्य रविंद्र बेलवाल ने देहरादून से ऋषिकेश राष्ट्रीय मार्ग से जौलीग्रांट गांव होते हुए देहरादून हवाई अड्डे के आईटीसी बिल्डिंग, जौलीग्रांट, बागी, कोठारी मोहल्ला आने वाले मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने का मुद्दा उठाया। केंद्रीय मंत्री ने मार्ग के चौड़ीकरण के निर्देश दिए। बैठक में एयरपोर्ट के कर्मचारियों ने मांग की कि लच्छीवाला टोल बैरियर पर एयरपोर्ट के कर्मचारियों का मासिक पास बनाए जाए। एयरपोर्ट पर बीएसएनल की कनेक्टिविटी में सुधार के लिए भी निशंक ने राज्यमंत्री संजय धोत्रे फोन पर बात की।