महाकुंभ की तैयारियों के लिए पूरा शहर अस्त-व्यस्त है। निर्माण कार्यों से धूल-मिट्टी उड़ रही है। अनलॉक-5 में वाहनों का दबाव भी लगातार बढ़ने से वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। हरिद्वार का एक्यूआई 204 पहुंचने से लोगों का दम घुटने लगा है। अस्थमा और हार्ट के मरीज ही नहीं आम आदमी की मुश्किल बढ़ रही हैं।
शहर में हर जगह धूल-मिट्टी के गुबार उड़ रहे हैं। कहीं सड़कों का चौड़ीकरण तो कहीं फ्लाईओवर तैयार हो रहे हैं। वार्डों में नालों के निर्माण के लिए खुदाई हो रही है। गैस पाइप लाइन और ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए बाजार और कालोनियों की सड़कें खुदी हैं।
खुदाई के साथ सड़कों पर मलबा और रेता-बजरी के ढेर लगे हैं। धूल-मिट्टी ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 204 दर्ज हुआ है। पीएम-10 की मात्रा 231 और बेहद खतरनाक सूक्ष्म कणों पार्टिकुलेट मैटर पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 143 दर्ज किया गया है।
डेढ़ महीने में वायु प्रदूषण की मॉनीटरिंग के लिए हरिद्वार शहर में स्टेशन खुल जाएगा। राज्य बोर्ड स्तर से इक्यूमेंट और कर्मचारियों की तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। जबकि क्षेत्रीय स्तर से स्टेशन के लिए जगह ढूंढी जा रही है।
- राजेंद्र सिंह कठैत, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी