इस मामले में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के तत्कालीन प्रोफेसर डॉ. बलराम ओमर, एनाटॉमी विभाग के तत्कालीन प्रोफेसर डॉ. बृजेंद्र सिंह, तत्कालीन सहायक प्रोफेसर अनुभा अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी शशिकांत और लेखाधिकारी दीपक जोशी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
इन सभी पर धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार के आरोप में चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक इस मामले में तत्कालीन आला अधिकारियों की भी इसमें भूमिका के साक्ष्य मिले हैं। उनके खिलाफ भी जांच लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी।