सात घंटे की मैराथन सर्जरी
दंत विभाग के विशेषज्ञ डॉ. प्रेम कुमार राठौड़ के अनुसार, सर्जरी बहु-स्तरीय और अत्यंत चुनौतीपूर्ण रही। एक्सरे, सीटी स्कैन आदि का बारीकी से अध्ययन कर कंप्यूटर पर सर्जरी की कार्ययोजना तैयार की गई। जिसमें जबड़े के संलयन को मुक्त कर बिना ज्वाइंट के चेहरे को संतुलित आकार दिया गया। पूरी सर्जरी में करीब 7 घंटे का समय लगा। सर्जरी के बाद मरीज का मुंह 41 मिमी तक खुलने लगा और चेहरे की विकृति पूरी तरह संतुलित हो गई।
क्या होता है टीएमजे एंकिलोसिस
एक गंभीर स्थिति है, जिसमें जबड़े का जोड़ (जॉइंट) हड्डी या रेशेदार ऊतक के कारण आपस में जुड़ जाता है, जिससे जबड़े की गति रुक जाती है। यह मुंह खोलने में असमर्थता (लॉक जॉ), चबाने/बोलने में दिक्कत और चेहरे की विकृति पैदा कर सकता है। इसका मुख्य कारण आघात, चोट या कान का संक्रमण होते हैं। इसके प्रमुख लक्षण मुंह न खुलना, चबाने/बोलने में असमर्थता, चेहरे का टेढ़ापन (विषमता) और कभी-कभी दर्द होना हैं।
दंत विभाग की टीम ने कीर्तिमान स्थापित किया है। एम्स का लक्ष्य मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं, उन्नत तकनीक और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है।
- प्रो. मीनू सिंह, निदेशक एम्स ऋषिकेश