गर्वित ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही अपने मम्मी-पापा को अपने पेशे के प्रति ईमानदारी से काम करते हुए देखा है। जनता की सेवा करते हुए देखा है। उनके अभिभावक ही उनकी प्रेरणा बने। गर्वित के शिक्षक एवं अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा का कहना है कि गर्वित ने निश्चित तौर पर पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर मिसाल कायम की है।
जबकि एम्स की प्रवेश परीक्षा को नीट से मुश्किल माना जाता है। गर्वित के मुताबिक, एम्स की तैयारी में जनरल नॉलेज को प्राथमिकता देनी जरूरी है। इसके लिए समाचार पत्रों का निरंतर अध्ययन करना चाहिए।
सोशल मीडिया से दूरी
गर्वित ने भी नीट और एम्स की तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाकर रखी। हालांकि अब एम्स का रिजल्ट आने के बाद वह दोबारा सोशल मीडिया सीमित तौर पर चलाएंगे।