श्रीनगर जल विद्युत परियोजना का संचालन कर रही एएचपीसीएल (अलकनंदा हाइड्रो पावर कारपोरेशन लि.) ने अनुशासनहीनता के आरोप में 11 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया।
कंपनी की कार्रवाई से नाराज दो कर्मचारी परियोजना की डीएसबी (डी सिल्ट बेसिन) के समीप बंद पड़ी मिक्सर मशीन के ऊपर चढ़ गए। बृहस्पतिवार रात प्रबंध से हुई वार्ता विफल होने के बाद दोनों शुक्रवार को भी मशीन पर चढ़े रहे। इससे पहले मामले में एसडीएम कीर्तिनगर अनुराधा पाल ने परियोजना समन्वयक और बर्खास्त कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन कर्मचारी वार्ता में नहीं पहुंचे।
बता दें कि एएचपीसीएल के कर्मचारियों ने गत वर्ष 9 जनवरी को डीए एरियर के भुगतान की मांग के लिए पावर हाउस परिसर में धरना-प्रदर्शन किया था। तब कंपनी ने अनुशासनहीनता के आरोप में तीन कर्मचारियों को निलंबित और 11 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। तीनों निलंबित कर्मचारियों को पिछले वर्ष सितंबर में बर्खास्त कर दिया गया। अब 11 कर्मचारियों को बुधवार शाम बर्खास्तगी नोटिस मिला है।
बर्खास्तगी से आक्रोशित डुंगरीपंथ के दो युवा धनेश बहुगुणा व गोपाल राणा बृहस्पतिवार को सुपाणा के समीप मिक्सर मशीन के ऊपर चढ़ गए। उन्होंने कहा कि कंपनी एकतरफा कार्रवाई कर रही है। कंपनी अपने लिखित अनुबंध से मुकर रही है, जबकि ऊर्जा सचिव ने कंपनी को अनुबंध के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इस मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान डुंगरीपंथ त्रिभुवन राणा, मुकेश राणा व केदार बिष्ट ने कहा कि कंपनी मनमानी कर रही है। अपनी जमीन व मकान देने वालों से रोजगार छीन रही है। जांच के नाम पर खानापूर्ति की गई है। कर्मचारियों ने अपनी मांग के लिए शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन किया था, लेकिन कंपनी ने उनको बर्खास्त कर दिया ।