किसानों को निम्न गुणवत्ता वाले कृषि बीजों की उपलब्धता कराने के आरोप लगने के बाद दो संयंत्र प्रभारियों पर गाज गिर गई है। विभागीय अफसरों व किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कृषि मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने बाजपुर व नगला के संयंत्र प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
वहीं किसानों को गुणवत्तापरक कृषि बीज मुहैया हो और कृषि बीजों के विपणन की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त हो ताकि किसानों को बीजों के लिए परेशान न होना पडे़, इसके लिए तीन कमेटियों का गठन किया गया है। कृषि मंत्री ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड बीज और तराई विकास निगम की बोर्ड मीटिंग में कई दिशा निर्देश जारी किए।
उच्च गुणवत्ता के बीज तैयार करने पर जोर
कृषि मंत्री ने विभागीय अफसरों से कहा कि किसानों के हित में उच्च गुणवत्ता के बीज उत्पादित करना चाहिए ताकि राज्य में कृषि उत्पादन लक्ष्यों को हासिल किया जा सके। बोर्ड मीटिंग में कृषि बीजों व उनके विपणन में सुधार के लिए विस्तृत चर्चा की गई। सहमति बनी कि तीन कमेटियों का गठन कर कृषि बीजों की गुणवत्ता व उनके विपणन नीति में सुधार लाया जाए।
कृषि मंत्री ने बोर्ड मीटिंग में तीन कमेटियों के गठन को मंजूरी दी। बोर्ड मीटिंग में सह अध्यक्ष उदयन कपूर, उपाध्यक्ष जमील अहमद, प्रबंध निदेशक डा. पीएस बिष्ट, निदेशक उद्यान, बीज प्रमाणीकरण दमयंती रावत सहित निदेशक मंडल के सदस्य और कृषि व निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
निगम कार्यालय का उद्घाटन
बोर्ड मीटिंग के बाद कृषि मंत्री ने रिंग रोड स्थित किसान भवन में उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास निगम के कार्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने बीज विकास एवं वितरण के लिए निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि किसान को अपने उत्पादन को बढ़ाने में निगम का महत्वपूर्ण योगदान होना चाहिए। इस अवसर पर नरेंद्र नगर विधायक सुबोध उनियाल, जैविक उत्पाद परिषद् के प्रबंध निदेशक विनय कुमार भी मौजूद रहे।