पेड़ों को काटकर न हो कोई भी निर्माण
वनों, पेड़ों को काटकर किए जाने वाले किसी भी निर्माण को अनुमति देने पर पूर्णत: प्रतिबंध होना चाहिए। नदी नालों पर हुए अवैध कब्जों की स्थिति को भी मास्टर प्लान में दर्शाया जाना चाहिए। ताकि, इनको हटाने की प्रक्रिया शुरू हो सके। दूनवासियों का मानना है कि देहरादून के पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचा कर कितना निर्माण किया जा सकता है, इसकी जानकारी भी मास्टर प्लान में दी जानी चाहिए। कहा कि वर्तमान में देहरादून का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब है। मास्टर प्लान के अनुसार किए जाने वाले निर्माणों से तापमान कितना प्रभावित होगा यह स्पष्ट होना चाहिए। साथ ही मास्टर प्लान के अनुरूप होने वाले निर्माण के अनुसार वर्तमान में उत्पन्न कूड़े में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसका स्थायी समाधान होगा। यह भी मास्टर प्लान में स्पष्ट होना चाहिए।
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