फतेहपुर में संदिग्ध बुखार से दो लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम स्क्रीनिंग के लिए गांव में पहुंची, हालांकि शिविर के प्रचार-प्रसार के अभाव के चलते केवल 26 ग्रामीण ही जांच के लिए पहुंचे। रैपिड एंटीजन जांच में दो ग्रामीण पॉजिटिव पाए गए हैं। दोनों ही मरीजों को उप जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
फतेहपुर गांव में बीते सप्ताह मंगलवार को संदिग्ध बुखार के चलते एक व्यक्ति की मौत हुई थी, तब स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। बीते रविवार को भी संदिग्ध बुखार से ग्रस्त एक व्यक्ति ने देहरादून स्थित अस्पताल में दम तोड़ दिया।
स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि दूसरे व्यक्ति का डेंगू का उपचार चल रहा था। उसके बाद उप जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरबर्टपुर की टीम को गांव में डेंगू की स्क्रीनिंग जांच के लिए एक दिवसीय शिविर लगाने के निर्देश दिए।
मंगलवार को करीब 11 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के एएनएम सेंटर पहुंची। टीम ने 11.00 से 3.00 बजे तक लोगों की रैपिड एंटीजन जांच की। इस दौरान शिविर में केवल 26 ग्रामीण ही जांच के लिए पहुंचे। जांच के दौरान एक महिला और एक पुरुष पॉजिटिव पाए गए।
फार्मासिस्ट नीलिमा सिंह ने बताया कि दोनों संदिग्ध डेंगू मरीजों को उप जिला अस्पताल रेफर किया गया है। एलाइजा जांच के बाद डेंगू के संक्रमण की पुष्टि होगी। उन्होंने बताया कि शिविर में काफी कम संख्या में मरीज जांच करवाने के लिए पहुंचे।
Iसाढ़े सात हजार आबादी, जांच के लिए पहुंचे 26 ग्रामीणI
फतेहपुर गांव की आबादी करीब साढ़े सात हजार है। हर घर में कोई न कोई बुखार से पीड़ित है, लेकिन शिविर में केवल 26 लोग ही जांच के लिए पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को गांव में शिविर लगाने की तैयारी तो कर ली, पर प्रचार प्रसार करना भूल गया। नतीजा यह हुआ गिने चुने लोग ही जांच के लिए शिविर में पहुंचे। इसके चलते ग्रामीणों को जांच शिविर का लाभ नहीं मिल पाया।
Iघर में जाकर जांच करने की मांगI
ग्राम प्रधान तृप्ता सैनी और सामाजिक कार्यकर्ता रविंद्र सैनी ने बताया कि गांव में हर घर में बुखार के मरीज हैं। मरीज घर से उठकर कहीं जाने की हालत में नहीं है। चिकित्सा अधीक्षक से टीम को घर-घर भेजकर लोगों की जांच करवाने की मांग की गई थी, लेकिन टीम ने एएनएम सेंटर में शिविर लगा दिया। उन्होंने कहा कि जब लोग चलने फिरने की हालत में ही नहीं हैं तो एएनएम सेंटर में कैसे पहुंचते।
Iवर्जन
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Iटीम को गांव में डेंगू की रैपिड एंटीजन जांच के लिए भेजा गया था। दो संदिग्ध मरीज मिले हैं, अगर मामले बढ़ते हैं तो दोबारा टीम को जांच शिविर लगाने के लिए भेजा जाएगा। ग्राम प्रधान को संक्रमण नियंत्रण के लिए फॉगिंग और लार्वानाशक दवाओं के छिड़काव के लिए कहा गया है। ग्रामीणों से घर और आसपास सफाई रखने और पानी जमा न होने देने की अपील की गई है। - डॉ. विजय सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, उप जिला अस्पतालI